छत्तीसगढ़

थाना से चंद कदमों की दूरी पर होटल में 13 दिन में दूसरी चोरी, दुकानदार में हडक़ंप!

थाना चौक में अनिल होटल को अज्ञात चोरों ने फिर बनाया निशाना

चोरों के हौसले होने लगे बुलंद, सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। थाना चौक, जिसे आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, वहाँ लगातार हो रही चोरी ने सीपत के लोगों को झकझोर दिया है। सोमवार रात 9 बजे होटल बंद कर घर लौटे ग्राम गुड़ी निवासी अनिल रजक ने मंगलवार सुबह होटल खोला तो देखा कि अज्ञात चोरों ने होटल के पीछे की छप्पर की एलबेस्टर शीट तोडक़र अंदर घुसकर तीन गल्ले तोड़े और उनमें रखे 500 रुपए चोरी कर लिए। साथ ही दुकान के गल्ला सहित अन्य सामनों को तोड़ फोडक़र कर नुकसान किए है।
होटल संचालक का कहना है कि यह घटना पहली बार नहीं हुई है। 13 दिन पहले 17 सितंबर को भी उनके होटल में चोरी हुई थी, जिसमें चोरों ने 20 हजार रुपए उड़ा दिए थे। लगातार दो बार चोरी होने से होटल संचालक और आसपास के दुकानदारों में भारी चिंता और नाराजगी है। अनिल रजक ने घटना की शिकायत सीपत थाने में दर्ज कराई है। प्रार्थी अनिल रजक का कहना है कि हमारा होटल सीधे थाना चौक के सामने है। 13 दिन के भीतर दूसरी चोरी हुई है, मेरे दुकान को ही निशाना बनाया जा रहा है। हम चाहते हैं कि पुलिस गंभीरता से जांच करे और आरोपियों को पकड़ें। थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है हम फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकडऩे का प्रयास कर रहे हैं। जनता से अपील है कि संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत हमें सूचित करें। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अगर थाना के इतने नज़दीक चोरी हो सकती है तो आम लोगों और छोटे व्यवसायियों की सुरक्षा का क्या भरोसा। सीपत में भय का माहौल बन गया है। असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे है। अनिल होटल में लगातार हो रही चोरी यह दर्शाती है कि अपराधी पुलिस की मौजूदगी का लाभ उठाकर चतुराई से चोरी कर रहे हैं। यह घटना सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करती है।

घटना स्थल और सुरक्षा पर सवाल-
विशेष बात यह है कि यह होटल सीपत थाना से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। दिनभर पुलिस की आवाजाही यहाँ रहती है, फिर भी चोर इतनी आसानी से चोरी करने में कामयाब हो गए। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि थाना के इतने करीब चोरी हो सकती है, तो अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा कैसी होगी।

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