छत्तीसगढ़

झलमला नाले की लहरों में 3 वर्षीय मासूम तेजस लापता

एसडीआरएफ को मिली बह चुकी कार, मासूम की तलाश जारी

मंदिर दर्शन से लौटते परिवार पर टूटा कहर, 8 ने तैरकर बचाई जान

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। हरेली पर्व की खुशियां एक परिवार के लिए मातम में बदल गईं, जब उनकी वेगनआर कार झलमला के तुंगन नाले के तेज बहाव में बह गई। हादसे में कार में सवार 9 में से 8 लोग तो किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन 3 वर्षीय मासूम तेजस अब भी लापता है। गुरुवार रात 8:30 बजे हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

उच्चभ_ी से दर्शन कर लौट रहा था परिवार

ग्राम खम्हरिया निवासी मोहनलाल साहू (उम्र 29 वर्ष), जिन्हें भोला के नाम से जाना जाता है, हरेली पर्व के मौके पर अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ ग्राम उच्चभ_ी के शिव शक्ति पीठ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी वेगनआर कार झलमला गांव के तुंगन नाले के पुल पर पहुँची, वहां करीब 3 फीट तक पानी बह रहा था। मोहनलाल ने पानी के बीच से कार निकालने की कोशिश की, लेकिन कार का संतुलन बिगड़ गया और वह लगभग 60 फीट दूर पुल से नीचे बह गई।

8 ने तैरकर बचाई जान, मासूम तेजस बह गया

कार में 2 पुरुष, 2 महिलाएं व 5 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद सभी ने दरवाजा खोलकर बहाव में तैरने की कोशिश की। चार बच्चे भी सुरक्षित निकाल लिए गए, लेकिन तीन साल का तेजस, जो अपनी मां की गोद में था, पानी के तेज झटके में हाथ छूटने से कार के साथ ही बह गया।

जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर दिनभर घटनास्थल पर मौजूद रहे

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र धीवर सुबह से ही मौके पर पहुंच गए और पूरा दिन घटनास्थल पर डटे रहे। उन्होंने लगातार रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाकर कार्यों की निगरानी की और परिजनों को ढांढस बंधाया।

एसडीआरएफ को मिली कार, मासूम अब भी लापता

घटना की सूचना मिलते ही सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी अपनी टीम और डायल 112 के साथ मौके पर पहुंचे। रातभर ग्रामीणों के साथ रेस्क्यू चलता रहा। शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और झलमला व उच्चभ_ी के बीच बह चुकी कार को बरामद कर लिया, लेकिन मासूम तेजस का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका। भारी बारिश और नाले के तेज बहाव के चलते बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।

गांव में पसरा मातम, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

हरेली पर्व के दिन हुई इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मासूम तेजस की सलामती की दुआ हर जुबां पर है। पर्व की खुशियां गम में तब्दील हो चुकी हैं और गांव में हर चेहरा मायूस है।

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