छत्तीसगढ़

मंच ही कलाकारों की धडक़न , वनांचल में छिपी प्रतिभाएं हैं छत्तीसगढ़ की असली पूंजी: विधायक लहरिया

वनांचल ग्राम खोंधरा में वनशोर मंच के तत्वाधान में सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

दूर-दराज़ से पहुंचे कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग बिखेरा, दर्शकों ने जमकर की सराहना

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। वनांचल ग्राम खोंधरा में शनिवार को वनशोर सांस्कृतिक साहित्यिक कला उन्नयन मंच के तत्वाधान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दूरस्थ गांवों से आए प्रतिभागियों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को मंच पर सजीव कर दिया। मंच पर कर्मा, सुवा, रीलो, गौरा-गौरी, भोजली, जस-जंवारा जैसी लोक परंपराओं की झलकियां प्रस्तुत कर कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक दिलीप लहरिया ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि मंच ही कलाकारों की धडक़न है, बिना मंच के कला अधूरी है। कलाकार अपनी पहचान मंच से ही बनाते हैं। मंच वह संजीवनी है, जो गांव-गांव में छिपी प्रतिभाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और दिशा देती है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को और मजबूत करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वनांचल क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ की शान हैं, बस उन्हें अवसर और प्रोत्साहन की जरूरत है। वनशोर मंच जैसे संगठन इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर ने अपने संबोधन में कहा कि गांव की धरा प्रतिभाओं से भरी पड़ी है, जरूरत है उन्हें मंच देने की। आज के इस कार्यक्रम में जो उत्साह देखने को मिला, वह बताता है कि ग्रामीण अंचल में भी कला, संस्कृति और परंपरा आज भी जीवित है। मैं वनशोर मंच को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देता हूं और ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने का आग्रह करता हूं। किसान नेता प्रमोद जायसवाल ने कहा कि संस्कृति ही समाज की पहचान होती है। हमारी लोककला, नृत्य और लोकगीतों में जीवन की सरलता और आनंद छिपा है। इस प्रकार के आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि यह हमारी अगली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। गांवों में ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना ही असली विकास है। इस अवसर पर विशेष अतिथियों में जनपद सदस्य सीमा प्रहलाद कुर्रे, सरपंच प्रमोद कुर्रे, जनपद सदस्य देव सिंह पोर्ते, भागीरथी पोर्ते, देवी कुर्रे, राजू सूर्यवंशी, सोंठी सरपंच नीमा वस्त्रकार, धनीदास महंत, नारायण श्याम सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अतिथियों ने पुरस्कृत कर उनका मनोबल बढ़ाया। महामाया डांस ग्रुप बेलगहना ने प्रथम, श्रद्धा डांस ग्रुप बिलासपुर ने द्वितीय, मड़वारानी प्रहसन ग्रुप ने तृतीय तथा सुमन डांस ग्रुप खोंधरा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन भरत सोरठे, भानु जगत व इंद्रपाल सिंह नेटी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में रवि राज, संतोष राज, योगेश राज, सुभाष राज, भानु जगत, भरत श्रोते, इंद्रपाल नेटी, सुधीर राज, रामगोपाल नेताम, कुलदीप जगत, अनिरुद्ध उईके, चमरा यादव, नीलकमल राज, धनसिंह जगत सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।

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