छत्तीसगढ़

सीपत में आस्था की अलख; नौ कुंडीय विशाल गायत्री यज्ञ से भक्तिमय हुआ पूरा क्षेत्र

यज्ञ, दीप यज्ञ और विभिन्न वैदिक संस्कारों के माध्यम से दिया गया संस्कृति, परिवार और जीवन मूल्यों का संदेश

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। ग्राम पंचायत के समीप 7 से 9 फरवरी तक आयोजित नौ कुंडीय विशाल गायत्री यज्ञ ने पूरे सीपत क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भावना से सराबोर कर दिया है। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर यज्ञ, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ ले रहे हैं। वातावरण वेदमंत्रों की ध्वनि और भक्तिमय संगीत से गूंजता रहा। प्रात:काल गायत्री महायज्ञ तथा सायंकाल दीप यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु परिवार सहित शामिल होकर शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा की कामना कर रहे हैं। दीपों की पंक्तियों से सजी यज्ञशाला का दृश्य विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

रविवार को हुए विविध वैदिक संस्कार

आयोजन के दौरान रविवार को विशेष रूप से मुंडन संस्कार, वैवाहिक संस्कार, गर्भ संस्कार सहित अनेक वैदिक संस्कार संपन्न कराए गए। इन संस्कारों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति में पारिवारिक और सामाजिक जीवन के महत्व की जानकारी दी गई। संस्कारों के पीछे छिपे वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहलुओं को भी सरल शब्दों में समझाया गया, जिससे युवा पीढ़ी में परंपराओं के प्रति नई जागरूकता देखने को मिली।

मुख्य वक्ता सुरेंद्र गुप्ता ने दिया जीवन मूल्यों का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेंद्र गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि गायत्री यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सद्बुद्धि और समाज निर्माण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि संस्कारवान परिवार ही मजबूत समाज की नींव होते हैं और ऐसे आयोजनों से पीढिय़ों के बीच सांस्कृतिक सेतु मजबूत होता है।

ग्रामवासियों और गायत्री परिवार का सराहनीय योगदान

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में रामरतन साहू, लक्ष्मण साहू, नंदकिशोर गुप्ता, भीष्म गुप्ता, अरुण यादव, शिवशंकर जायसवाल सहित गायत्री परिवार के समस्त सदस्यों और ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। आयोजन स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के स्वागत और अनुष्ठानों के संचालन में सभी ने मिलकर सक्रिय भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक जागरूकता का भी प्रेरक संदेश देकर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा है।

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