17 फरवरी को खम्हरिया मुख्य मार्ग पर होगा चक्काजाम
जेवरा स्कूल में अतिक्रमण हटाने और 12 किमी जर्जर सडक़ निर्माण की मांग पर वनांचल के लोगों में उबाल

- हजारों लोगों के जुटने की तैयारी
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। मस्तूरी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में जनाक्रोश खुलकर सामने आ गया है। जेवरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में कथित अतिक्रमण हटाने तथा बिलासपुर सीपत हरदीबाजार कोरबा मुख्य मार्ग के बीच खम्हरिया, सोंठी, नवापारा से अदराली तक लगभग 12 किलोमीटर जर्जर सडक़ के निर्माण की मांग को लेकर 17 फरवरी मंगलवार को ग्राम पंचायत खम्हरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करने का ऐलान किया गया है। यह आंदोलन सोंठी क्षेत्र की जनपद सदस्य लक्ष्मीन बाई देव सिंह पोरते के नेतृत्व में किया जाएगा। वनांचल क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।

विद्यालय परिसर में अतिक्रमण का आरोप
जनदर्शन में जिला कलेक्टर को सौंपे गए लिखित आवेदन में उल्लेख किया गया है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा के अहाता के भीतर दीपक पटेल द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर बाड़ी लगाई गई है और उसमें सब्जी उगाई जा रही है। बार बार आपत्ति जताने और हटाने के आग्रह के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय परिसर में इस प्रकार का अतिक्रमण बच्चों की सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण के लिए अनुचित है।
12 किलोमीटर सडक़ बदहाल, दुर्घटना का खतरा
दूसरी प्रमुख मांग खम्हरिया, अदराली जेवरा मार्ग की मरम्मत और निर्माण को लेकर है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह सडक़ वर्षों से जर्जर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार सडक़ की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। आरोप है कि संबंधित विभाग और प्रशासन ने अब तक इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।
पहले भी दिए जा चुके हैं आवेदन
जनपद सदस्य प्रतिनिधि देव सिंह पोरते ने बताया कि इस संबंध में 13 जून 2023 और 4 सितंबर 2025 को भी प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि 17 फरवरी 2026 तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो खम्हरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।।जनपद सदस्य लक्ष्मीन बाई देव सिंह पोरते ने कहा कि विद्यालय परिसर में अतिक्रमण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सडक़ की जर्जर स्थिति से आम जनता की जान जोखिम में है। मैंने कई बार प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन कार्रवाई नहीं होना बेहद निराशाजनक है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो जनहित में बड़ा आंदोलन करना हमारी मजबूरी होगी। बच्चों की सुरक्षा और जनता की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला केवल सडक़ या विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और ग्रामीणों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।
वनांचल में बढ़ता जनसमर्थन
सूत्रों के अनुसार, चक्काजाम में वनांचल क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। स्थानीय लोगों ने खुलकर समर्थन देते हुए कहा है कि विद्यालय परिसर में अतिक्रमण और जर्जर सडक़ की समस्या का समाधान अब टाला नहीं जाना चाहिए। फिलहाल पूरे क्षेत्र में 17 फरवरी के प्रस्तावित चक्काजाम को लेकर चर्चा तेज है। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह आंदोलन से पहले कोई ठोस पहल करता है या फिर मुख्य मार्ग पर जनाक्रोश का सामना करता है।



