रायपुर के 7 पंजीयन कार्यालयों में 30 दस्तावेज पंजीकृत, महिलाओं को 12,05,623 रुपये का लाभ
महिला सशक्तिकरण की नई इबारत: छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट

रायपुर, 8 मई। छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय लिया है। इस फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।
बीते दिन रायपुर के 07 पंजीयन कार्यालयों में महिलाओं के पक्ष में कुल 30 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ, जिसमें रजिस्ट्री शुल्क में कुल 12,05,623 रुपये का लाभ संबंधित महिला पक्षकारों को प्राप्त हुआ।
इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।



