राजधानी

मां कामाख्या की अंबूवांची योग पूजा रायपुर में पांच दिवसीय महोत्सव 22 से

मां कामाख्या की बग्घी शोभा यात्रा निकलेगी 26 को

रायपुर । देवेंद्र नगर फोकटपारा शास्त्री नगर स्थित कामाख्या मंदिर में पांच दिवसीय अंबूवांची योग पूजा 22 से शुरू होकर 26 जून को बग्घी शोभा यात्रा के साथ समापन होगी। मंदिर के उपासक आचार्य हिरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी गुवाहटी के तर्ज पर रायपुर स्थित कामाख्या मंदिर में माता कामाख्या की पूजा अर्चना और अभिषेक होगा। कामाख्या मंदिर की प्रतिकीर्ति फोकट पारा में मां कामाख्या की प्रतिमा वीराजमान है। जहां पर हवन पूजन भोग भंडारा के साथ माता की पूजा का समापन होगा। 22 जून को पूजा अर्चना के साथ माता कामाख्या तीन दिन रजस्वला में रहेगी जिसके कारण तीन दिन माता का पट बंद होने से पहले तांत्रोक्त पूजा उपासक हिरेंद्र विश्वकर्मा के साथ मंदिर समिति के सदस्य करेंगे। 23 जून को माता का जगराता, 24 जून को सुंदर कांड, 25 जून को दुर्गा सप्तशती, 25 जून को पट खुलने के साथ रात भर माता का अभिषेक श्रृंगार होगा। 26 जून को माता की ब्रम्ह मुहूर्त में पूजा अर्चना हवन के साथ दोपहर एक बजे माता की बग्घी यात्रा निकलेगी । पंडरी कपड़ा मार्केट होते हुए देवेंद्र नगर फोकटपारा परिक्रमा के बाद माता की बग्घी वापस मंदिर प्रांगण में पहुंचेगी जहां माता कामाख्या का पुन: अभिषेक किया जाएगा। दोपहर 4 बजे से भंडारा प्रसादी वितरण होगा।
आचार्य हिरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि फोकटपारा स्थित कामाख्या मंदिर में स्थापित माता कामाख्या स्वयंभू है। जो सिद्धपीठ भी है जहां भक्तों की मनचाही मनोकामना पूरी हो रही है। फोकटपारा में पिछले 60 वर्षो से माता की पूजा अर्चना अभिषेक गुवाहटी स्थित कामाख्या मंदिर की तरह हो रही है। हर साल 26 जून को बड़ी पूजा यानी अंबूवांची योग पूजा अनवरत जारी है। इस मंदिर से राजधानी के बड़े राजनेता से लेकर बड़े उद्योगपति और कारोबारी जुड़े हुए जो हर साल अंबूवांची योग पूजा में अपनी सहभागिता निभाते है। इस मंदिर की प्रसिद्धि पूरे देश में है। कामाख्या मंदिर के उपासक भी यहां हर साल पूजा संपन्न कराने पहुंचते है। गुरू हिरेंद्र विश्वकर्मा के सानिध्य में हर साल अंबूवांची योग पूजा संपन्न हो रही है। मंदिर से जुड़े अनेक भक्तों ने माता कामाख्या की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि यह मंदिर सिद्धपीठ है, जहां हर मांगी गई मनोकामना मता पूरी करती है। एक भक्त परिवार ने बताया कि हम पिछले 60 वर्षों से जुड़े जब यहां पर झोपड़ी में माता की बिग्रह पूजा होती थी। हजारों की संख्या में प्रदेश के साथ देश भर में माता कामाख्या के भक्त अंबूवांची योग पूजा में शामिल होने पहुंच चुके है। मंदिर परिसर में भजन कीर्तन का सिलसिला अनवरत जारी है।

Related Articles

Back to top button