सेवा सेतु बना आम लोगों का सहारा: सन्नू हेमला को समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल से आसान हुई शासकीय सेवाएं, हितग्राही ने जताया आभार

रायपुर, 01 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और सुशासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा संचालित सेवा सेतु पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित अन्य आवश्यक शासकीय प्रमाण-पत्र सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
बीजापुर जिले के गंगालूर तहसील अंतर्गत ग्राम गंगालूर निवासी सन्नू हेमला ने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आय प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके आवेदन का निराकरण कर उन्हें आय प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्रमाण-पत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये प्रमाणित की गई। सेवा सेतु केंद्र के प्रबंधक श्री रामू हेमला ने उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
सन्नू हेमला ने बताया कि पहले ऐसे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन करना बहुत आसान रहा। निर्धारित समय पर प्रमाण-पत्र मिलने से उनके आवश्यक कार्य भी समय पर पूरे हो सके। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनहितैषी एवं संवेदनशील पहल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीणों के लिए बहुत लाभकारी हैं और शासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत कर रही हैं।
जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा संचालित सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह सहित विभिन्न शासकीय प्रमाण-पत्र और सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल शासन की डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
सेवा सेतु की सफलता यह साबित करती है कि तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक भी सरकारी सेवाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं तथा शासन के प्रति उनका भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।



