छत्तीसगढ़

संवेदनशील प्रशासन से लौटी सुनने की मुस्कान

श्रवण यंत्र ने कम की संवाद की दूरी, बुजुर्गों को मिला आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव का नया सहारा

रायपुर, 28 जुलाई। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं तब वास्तविक सफलता प्राप्त करती हैं, जब उनका लाभ समय पर जरूरतमंद तक पहुंचे। बलरामपुर जिले में जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित पहल ने दो बुजुर्ग हितग्राहियों के जीवन में फिर से संवाद, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की खुशियां लौटा दी हैं।
नगर पंचायत राजपुर निवासी श्री सुमेश्वर तथा ग्राम डौरा, जनपद पंचायत बलरामपुर निवासी श्री शिवमंगल गुप्ता बढ़ती उम्र के कारण सुनने की समस्या से जूझ रहे थे। धीरे-धीरे उनके लिए परिवार की बातें सुनना, लोगों से सामान्य बातचीत करना और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होना कठिन होता जा रहा था। संवाद की यह दूरी उन्हें मानसिक रूप से भी प्रभावित करने लगी थी।
दोनों हितग्राहियों ने श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया। आवेदन प्राप्त होते ही कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए बिना किसी अनावश्यक विलंब के दोनों पात्र हितग्राहियों को श्रवण यंत्र उपलब्ध करा दिया।
श्रवण यंत्र प्राप्त करने के बाद दोनों बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। अब वे अपने परिवार के सदस्यों की बातें स्पष्ट रूप से सुन पा रहे हैं, सामाजिक आयोजनों में सहजता से भाग ले रहे हैं और दैनिक जीवन के कार्यों को अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पा रहे हैं।
भावुक होकर दोनों हितग्राहियों ने कहा कि यह श्रवण यंत्र उनके लिए केवल एक सहायक उपकरण नहीं, बल्कि नई जिंदगी की शुरुआत है। उन्होंने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली इस सहायता ने उन्हें फिर से अपनों की आवाज़ों से जोड़ दिया है।

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