छत्तीसगढ़

बैटरी चलित ट्राइसाइकिल ने विनय के आत्मनिर्भर सफर को दी नई रफ्तार

A battery-operated tricycle has given new momentum to Vinay's journey towards self-reliance.

रायपुर , 03 अगस्त। शासन की मंशानुरूप दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करते हुए उनके जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। कोंडागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी, जनपद पंचायत कोंडागांव निवासी श्री विनय नेताम 60 प्रतिशत दिव्यांग हैं। बचपन में ही लगभग 5-6 वर्ष की आयु में उनके माता-पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण पहले उनकी दादी ने किया और वर्तमान में उनके चाचा-चाची उनका सहारा बने हुए हैं। विनय ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी। उन्होंने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की तथा 12वीं की परीक्षा ओपन स्कूल से दी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने जीविकोपार्जन के लिए कुछ करने की ठानी।
मोबाइल के माध्यम से उन्होंने एग रोल और मोमोज़ बनाने की विधि सीखी। अपनी बहन के सहयोग से उन्होंने कोंडागांव में एक छोटा-सा एग रोल एवं मोमोज़ का ठेला शुरू किया। मेहनत और लगन के बल पर आज वे प्रतिदिन लगभग 01 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं और अपने जीवन-यापन का खर्च स्वयं वहन कर रहे हैं। हालांकि ठेले के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने उन्हें नियमित रूप से कोंडागांव आना-जाना पड़ता था। दिव्यांगता के कारण आवागमन में उन्हें हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्रदान की गई है। इस सहायता से अब उनका आवागमन आसान हो गया है और वे अपने व्यवसाय का संचालन पहले से अधिक सुगमता एवं आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे। बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्राप्त कर विनय नेताम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सहायता उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में उनके सफर को नई रफ्तार मिली है।

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