छत्तीसगढ़

गांव-गांव पहुंच रहा ‘आशीर्वाद का दीया’, सेवा संकल्प अभियान से जुड़ रहा जन-जन

17 सितंबर की शाम घर-घर दीप प्रज्वलन के लिए स्व-सहायता समूहों और जनप्रतिनिधियों ने संभाला जनजागरूकता का मोर्चा

रायपुर, 16 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ को लेकर प्रदेश में जनभागीदारी का वातावरण बन रहा है। अभियान के माध्यम से सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसी क्रम में ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से नागरिकों को 17 सितंबर की शाम दीप प्रज्वलन से जोडऩे के लिए गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, ग्रामीण समूह और जनप्रतिनिधि वीडियो संदेशों एवं स्थानीय जनसंपर्क के माध्यम से नागरिकों से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागी बनने का आह्वान कर रहे हैं। लोगों को अपने-अपने घरों में दीप जलाकर सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोडऩे की पहल की जा रही है। प्रत्येक दीप को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के प्रति आभार तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प के प्रतीक के रूप में जोड़ा गया है।
मैदानी स्तर पर कार्यरत टीमें, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और ग्रामीण जनप्रतिनिधि नागरिकों से संपर्क कर उन्हें इस पहल की जानकारी दे रहे हैं। वीडियो संदेशों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर किए जा रहे जनसंपर्क के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी अभियान से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल का संदेश घर-घर पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं द्वारा वीडियो संदेशों के माध्यम से 17 सितंबर की शाम दीप प्रज्वलित करने और सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनने की अपील की जा रही है। इससे अभियान को गांवों और समुदायों के स्तर पर व्यापक जनभागीदारी से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
17 सितंबर की शाम होने वाला दीप प्रज्वलन केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन न होकर सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुडऩे का सामूहिक अवसर होगा। प्रदेशवासियों से अपने घरों में दीप प्रज्वलित कर ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल में सहभागी बनने का आह्वान किया जा रहा है।

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