छत्तीसगढ़

बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा

राहत शिविरों में प्रभावितों से रूबरू होकर व्यवस्थाओं की ली जानकारी, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर

रायपुर, 27 सितम्बर। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने रविवार को बस्तर जिले के जगदलपुर तहसील अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर उनके ठहरने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रयासरत है।
कमिश्नर श्री सिंह ने जगदलपुर तहसील के प्राथमिक शाला भवन तामाकोनी, शहीद भगतसिंह स्कूल तथा माध्यमिक शाला भवन नगरनार में स्थापित राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से राहत शिविरों में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की जानकारी लेते हुए प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए पर्याप्त स्थान वाले बड़े कैम्पस का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में महिलाओं और पुरुषों के लिए पृथक-पृथक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रभावितों के लिए भोजन और पेयजल की पर्याप्त एवं नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने राहत शिविरों में चिकित्सा दल की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार करने तथा स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैंडपंप, नल-जल योजना सहित अन्य पेयजल स्रोतों के जल परीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर हाल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली संक्रामक बीमारियों की स्थिति निर्मित न हो।उन्होंने नगरनार इलाके के बाढ़ प्रभावितों को एनएमडीसी की ओर से समुचित सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश भी एनएमडीसी के अधिकारियों को दिए।
कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित बस्तर, सुकमा, बीजापुर सहित अन्य जिलों में जनहानि, मकान, फसल एवं पालतू मवेशियों को हुई क्षति का सर्वे कर आंकलन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के साथ उनके पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक प्रयास शासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में मकान, फसल और पालतू मवेशियों की क्षति का संवेदनशीलता के साथ सर्वे कर नजरी आंकलन तैयार किया जाए तथा आवश्यक सहायता के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत लाइनों के संधारण के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जरूरत के अनुसार विद्युत प्रवाह बंद किया जाए तथा क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत तत्काल सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार करने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों को शुद्ध पेयजल के उपयोग, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, बीमार होने पर तत्काल स्वास्थ्य जांच और उपचार कराने सहित आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियों के संबंध में जागरूक करने कहा।
कमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में हैंडपंप, नल-जल योजना, सोलर ड्यूल पंप सहित सभी पेयजल स्रोतों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन के साथ ही स्थानीय जल स्रोतों जैसे कुआं, बावड़ी आदि के जल शुद्धीकरण के लिए सघन अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद किसी भी प्रकार की जलजनित बीमारी की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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