छत्तीसगढ़

आदिवासी छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लेने छात्रावास पहुंचीं डॉ. वर्णिका शर्मा

बालोद के शासकीय पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का किया औचक निरीक्षण

  • छात्राओं ने ट्यूशन शिक्षक, कंप्यूटर और पुस्तकालय की जरूरत बताई

रायपुर, 4 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने बालोद प्रवास के दौरान आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, रहन-सहन तथा आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
छात्राओं ने बातचीत के दौरान पढ़ाई में सहयोग के लिए ट्यूशन शिक्षक, कंप्यूटर और पुस्तकालय की मांग रखी। डॉ. शर्मा ने उनकी बातें सुनीं और छात्राओं की शैक्षणिक जरूरतों पर ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य हासिल करने तथा देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने बालिका कक्षों, बाथरूम और सेनेटरी वेंडिंग मशीन की स्थिति देखी। उन्होंने छात्रावास में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता बताई। छात्रावास अधीक्षिका सहित संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं का बेहतर रखरखाव करने और छात्राओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
डॉ. शर्मा ने छात्राओं की सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने छात्राओं की आवश्यकताओं और समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन श्री तोमन साहू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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