छत्तीसगढ़

कबड्डी के कर्मयोगी अवधराम चंद्राकर का भव्य सम्मान समारोह

खिलाडिय़ों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। ब्लॉक कबड्डी संघ मस्तूरी के तत्वावधान में ग्राम हरदाडीह की धरती रविवार को उस समय गौरवान्वित हो उठी, जब कबड्डी खेल के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाने वाले और वर्षों तक खिलाडिय़ों को नई दिशा देने वाले वरिष्ठ शिक्षक एवं ख्यातिप्राप्त कबड्डी प्रशिक्षक श्री अवधराम चंद्राकर (निवासी ग्राम गतौरा) का सेवानिवृत्ति उपरांत भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
से.नि. प्रभारी सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी बिलासपुर के पद से सेवामुक्त होने के बाद यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसमें चंद्राकर सर को कबड्डी संघ मस्तूरी द्वारा ससम्मान पुष्पहार, स्मृति चिन्ह, और सप्रेम भेंट भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छत्तीसगढ़ कबड्डी महासंघ के महासचिव श्री प्रदीप यादव, मस्तूरी कबड्डी संघ के अध्यक्ष रेवाशंकर साहू, कार्यकारिणी अध्यक्ष कपिल नारायण पटेल, संरक्षक कीर्तन मरावी, ग्राम पंचायत हरदाडीह के सरपंच मंगलराम नेताम, उपसरपंच रविकांत पटेल, ग्राम गतौरा से जनपद सदस्य देवी कुर्रे सहित कबड्डी संघ के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

चंद्राकर जी का प्रेरक उद्बोधन

अपने सम्मान से भावुक हुए अवधराम चंद्राकर ने कहा कि कबड्डी मेरे लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि साधना रही है। वर्षों तक बच्चों को खेल सिखाते सिखाते मैंने खुद को गढ़ा है। यह सम्मान मेरे लिए नहीं, उन हजारों खिलाडिय़ों के लिए है जो मिट्टी में लोटकर अपने भविष्य की इमारत गढ़ते हैं। मुझे गर्व है कि मैं एक खिलाड़ी और शिक्षक के रूप में युवाओं की जीवन यात्रा का हिस्सा बना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेल मैदान से बड़ा कोई गुरुकुल नहीं होता। जीवन की असली शिक्षा वहीं मिलती है, जहां पसीना बहता है और अनुशासन फलता है। मैं सभी युवाओं से कहना चाहता हूँ कि वे खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, इससे आत्मविश्वास, नेतृत्व और सम्मान सब प्राप्त होता है।

सम्मान समारोह बना प्रेरणा का केंद्र

यह सम्मान समारोह सिर्फ एक सेवानिवृत्त खिलाड़ी का सम्मान नहीं था, बल्कि यह आयोजन खेल, संस्कृति और समर्पण की भावना का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम में कबड्डी संघ मस्तूरी के समस्त पदाधिकारियों ने एक स्वर में चंद्राकर जी के मार्गदर्शन को अमूल्य बताते हुए भविष्य में उनके अनुभव से लाभ लेने की बात कही।

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