किसानों को खाद-बीज के संकट से निकालो, नहीं तो होगा बड़ा जनआंदोलन : विधायक लहरिया
- विधानसभा सत्र के पहले दिन पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रथम दिवस पर खाद और बीज की किल्लत को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में विपक्ष ने किसानों की समस्याओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया और सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
विधायक लहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा किसान हैं, लेकिन आज वही किसान खाद-बीज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। डबल इंजन की सरकार सिर्फ नारों और प्रचार तक सीमित है, जबकि ज़मीनी हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। सरकार को तुरंत हालात सुधारने होंगे, वरना हम गांव-गांव जाकर बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि मस्तूरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों से किसान लगातार संपर्क कर रहे हैं और खाद-बीज की भारी कमी की शिकायत कर रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो खेती चौपट हो जाएगी और इसका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इस विरोध प्रदर्शन में विपक्ष के कई वरिष्ठ विधायक एवं कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जिन्होंने ‘किसानों को उनका हक दो’, ‘खाद-बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करो’ जैसे नारों के साथ सरकार को जगाने का प्रयास किया।



