संस्कृति मंत्रालय ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के चौथे संस्करण की घोषणा की

दिल्ली। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने गर्व के साथ ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत शुरू किए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के चौथे संस्करण की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य देशभर के नागरिकों को प्रेरित करना है कि वे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज — तिरंगे — को अपने घर और दिल में स्थान दें।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘इस वर्ष हम तिरंगा अभियान का चौथा संस्करण मनाने जा रहे हैं, जिसके लिए 5 लाख से ज़्यादा युवाओं ने स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया है। ये युवा लोगों को तिरंगा अभियान के लिए प्रेरित करेंगे।’
आज यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, श्री शेखावत ने कहा, हर घर तिरंगा एक अभियान से कहीं बढक़र है – यह एक भावनात्मक आंदोलन है जो 1.4 अरब भारतीयों को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के शाश्वत रंगों के तले एकजुट करता है। इसका उद्देश्य देशभक्ति को जगाना, नागरिक गौरव को बढ़ावा देना और हमारे लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता के जीवंत प्रतीक के रूप में तिरंगे के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।
इस अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तिरंगा अभियान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। गृह मंत्रालय के अपर सचिव अभिजीत सिन्हा और जल शक्ति मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री समीर कुमार ने अपने-अपने मंत्रालयों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच के रिश्ते को औपचारिक और संस्थागत संबंध से गहरे व्यक्तिगत बंधन में बदलने के लिए संकल्पित, हर घर तिरंगा प्रत्येक भारतीय को भारत की स्वतंत्रता के उत्सव को चिह्नित करते हुए गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इस पहल का गहरा प्रतीकात्मक महत्व है—तिरंगा घर लाना न केवल व्यक्तिगत जुड़ाव की अभिव्यक्ति है, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की भी पुष्टि है। यह हमारी आज़ादी के लिए किए गए बलिदानों की याद दिलाता है और एकता, अखंडता और प्रगति के मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिज्ञा भी है।



