देवरी के नन्हें इतिहासकारों ने लिखी अपनी धरती की गाथा, ‘मोर गाँव मोर इतिहास’
सशक्त नेतृत्व की मिसाल: सरपंच रीता रूपचंद रात्रे के करकमलों से ‘मोर गाँव मोर इतिहास’ पुस्तक का भव्य विमोचन

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर ग्राम देवरी में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ। प्राथमिक शाला देवरी में शासन की मंशा अनुरूप तैयार की गई ‘मोर गाँव मोर इतिहास’ पुस्तक का विमोचन ग्राम की सरपंच श्रीमती रीता रूपचंद रात्रे के करकमलों से संपन्न हुआ।
गांव के समस्त गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित इस गरिमामयी अवसर पर सरपंच रीता रात्रे ने पुस्तक का पठन कर उसमें लिखी गई मूल्यवान जानकारियां उपस्थित ग्रामीणों से साझा की। नोडल शिक्षिका श्रीमती सावित्री सेन ने बताया कि इस पुस्तक के निर्माण की पहल राज्य कार्यालय से की गई थी। इसके लिए एक टीम बनाई गई तथा बच्चों को ‘नन्हें इतिहासकार’ के रूप में घर-घर जाकर गाँव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारियां एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई। बच्चों ने शिक्षकों की मदद से इन जानकारियों को अपनी मातृभाषा छत्तीसगढ़ी में संकलित कर सौंपा, जिन्हें एकत्रित कर इस अनूठी पुस्तक का निर्माण किया गया।
इस पुस्तक की रचना में सरपंच रीता रात्रे, उपसरपंच शीतू वस्त्रकार, पंचायत सचिव राकेश पटेल, रोजगार सचिव विनोद साहू, ग्राम पंचायत के पंचगण, नन्हें इतिहासकार अनामिका, सौरभ, विद्या, अर्जुन, कामिनी, दुगेश्वरी, निशि एवं शाला के सभी शिक्षकगण का अमूल्य योगदान रहा। कार्यक्रम में शाला प्रबंधन की ओर से नन्हें इतिहासकारों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं कब व बुलबुल की छात्राओं को प्रमाणपत्र भेंट किए गए।




