
तिल्दा नेवरा (वीरेंद्र साहू)। यह केवल यात्रा नहीं, संस्कृति और श्रद्धा का संगम है, तिल्दा नेवरा नगर पालिका उपाध्यक्ष पलक विकास सुखवानी आज 27 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन में रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 780 श्रद्धालु बुजुर्ग सम्मिलित हुए। जिनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का प्रतीक बन गई। प्रदेश के बुजुर्गों की वर्षों पुरानी अभिलाषा आज पूरी हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विधिवत शुभारंभ किया।
राजधानी रायपुर के तिल्दा नेवरा नगर पालिका उपाध्यक्ष पलक विकास सुखवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन श्रद्धालुओं को यह अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहे हैं। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण सुविधायुक्त पैकेज तैयार किया है जिसमें ट्रेन यात्रा, यात्रियों के ठहरने, भोजन, मंदिर दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्पेशल ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, पुलिस बल और चिकित्सकों की टीम भी उनके साथ यात्रा कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को हर क्षण सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। योजना के तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, पुरी, हरिद्वार, काशी, शिरडी, वैष्णोदेवी, अमृतसर, द्वारका, बोधगया, कामाख्या मंदिर, सबरीमाला जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सम्मिलित हैं।
तिल्दा नेवरा नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती पलक विकास सुखवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 4 दिसंबर 2012 को की गई थी। 15 जनवरी 2013 से 10 जून 2019 के मध्य इस योजना के अंतर्गत कुल 272 तीर्थ यात्राओं के माध्यम से 2,46,983 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान यह योजना 5 साल तक संचालन में नहीं थी। डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान संचालित इस योजना को, जिसे उसके बाद आने वाली सरकार ने बंद कर दिया था, अब पुन: प्रारंभ कर वर्तमान सरकार ने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की श्रद्धा, आस्था और वर्षों से संजोए गए तीर्थ यात्रा के सपने को पूर्ण करने के लिए एक बार फिर पहल की है।


