सीपत के सराफा व्यापारी सीताराम ने मरणोपरांत की देहदान की घोषणा
- बड़े भाई के शिक्षकीय कार्य से हुआ प्रभावित, देहदान कर शरीर किसी विद्यार्थी के शिक्षा में काम आए


सीपत (हिमांशु गुप्ता)। रक्तदान, देहदान और अंगदान, ये वो शब्द हैं जो न केवल जीवन को बचाते हैं, बल्कि समाज में एक नया संदेश भी भेजते हैं। अगर हर व्यक्ति इन महान कार्यों को अपनाए, तो कितनी जिंदगियों को नया जीवन मिल सकता है।
इसी सोच को साकार करने के लिए एक समाजसेवी एवं दूर दूर तक प्रसिद्धि हासिल किए सराफा व्यापारी ने अपने भाई के दशगात्र कार्यक्रम में देहदान करने की शपथ ली और अपनी इस प्रेरणादायक पहल से समाज को एक नई दिशा दी। मानवता की भलाई के लिए मरणोपरांत देहदान की अनुकरणीय मिसाल कायम करने वालों में अब सीपत क्षेत्र के प्रतिष्ठित सराफा व्यापारी का नाम भी शामिल हो गया है।
समाजसेवी एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित सराफा व्यवसायी 78 वर्षीय सीताराम गुप्ता ने 27 जून 2022 में एलआईसी अभिकर्ता स्व. संतोष गुप्ता के देहदान से प्रभावित होकर मरणोपरांत अपनी देहदान की इच्छा प्रकट की। इसके लिए उन्होंने सिम्स मेडिकल कॉलेज जाकर देहदान घोषणा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उनके इस घोषणा की प्रशंसा पूरे क्षेत्र में की जा रही है। बता दें कि सीताराम गुप्ता ने यह घोषणा पूर्व में अपने सगे भाई स्व. राधेश्याम गुप्ता के दशगात्र कार्यक्रम में कर चुके थे। लेकिन इसकी औपचारिकताएं भी अब पूरी कर ली गई है। सराफा व्यापारी सीताराम गुप्ता ने बताया कि जिस प्रकार मेरे बड़े भैया स्व. राधेश्याम गुप्ता ने शिक्षकीय कार्य मे अपना पूरा जीवन लगाकर लोगों को शिक्षा दी। मेरी भी इच्छा है कि मेरे मरणोपरांत मेरा शरीर भी किसी विद्यार्थी की शिक्षा में काम आकर उसका भविष्य उज्ववल बना सके और ऐसा कदम उठाकर समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देना चाहता हूं।
अगर मरणोपरांत मेरे शरीर का सदुपयोग किसी अनुसंधान कार्य के लिए या किसी की जीवन को बदलने के लिए किया जाता है तो यह मेरे लिए सबसे पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक गौरवान्वित करने वाला निर्णय है। सीताराम गुप्ता ने ऐसा कदम उठाकर मानवीय उदारता का अनुकरणीय नेक कार्य किया है।



