छत्तीसगढ़

मुड़पार की जीवनदायिनी लीलागर नदी सूखी

25 में 23 हैंडपंप खराब, पानी व राशन की समस्या से ग्रामीण परेशान

  • -जलसंकट की समस्या हुई विकराल , अंगूठा लगाने के बाद भी चावल के हितग्राही परेशान
  • – शासन प्रशासन से समस्या का निजात दिलाने की मांग

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम मुड़पार में पानी एवं राशन की समस्या को लेकर ग्रामीण बहुत परेशान है। गांव का अधिकांश हैंडपंप सूख गया है तो कई खराब पड़े है। शासन के नल जल योजना की भी अब पोल खुल चुकी है। मुड़पार की जीवनदायिनी लीलागर नदी भी सुख चुकी है। वीरान व बंजर पड़ी हुई है। यहां ग्रामीण किसी तरह एक दूसरे के घर से पानी लाकर अपना जीवनयापन कर रहे है। वही राशन वितरण की अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों को अंगूठा लगाने के बाद भी अपने ही हिस्से के चावल समय पर नही मिल पा रहा।


बता दें कि कौडिय़ा के पास मुड़पार गांव जहां के 14 वार्ड मिलाकर कुल जनसंख्या लगभग छब्बीस सौ है। वही 903 राशनकार्ड धारी है। यहां के ग्रामीण बढ़ते गर्मी में जलसंकट का सामना कर रहे है। इसके अलावा राशन की समस्या से परेशान है। गर्मी की भीषण त्रासदी से ग्रामवासी जलसंकट से जूझ रहे हैं। यहां 25 हेंडपम्प में से सिर्फ 2 हैंडपंप ही चालू है। अधिकांश हैंडपंप सुख गए है, जलस्तर गिर चुका है। कई तो खराब भी पड़े है। आखिर ग्रामीण पानी के लिए जाएं तो जाएं कहां। ग्रामीणों ने बताया कि नहाना तो अब शौक होता जा रहा है। जिनके यहां बोर है उनकी मदद से मुहल्लेवासी किसी तरह पानी लाकर अपना जीवन बचा रहे है।
ग्रामीणों ने बताया कि राशन को लेकर पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राहुल बर्मन के द्वारा उपभोक्ताओं से अंगूठा लगा करके यह कह दिया जाता है कि राशन आपको अगले महीना मिलेगा। उन्हें खरी खोटी सुना कर डांटकर भगा दिया जाता है। कभी कभी तो हितग्राहियों से तू तू मैं मैं की नौबत तक आ जाती है। ग्रामीण अपने खुद के हिस्से की राशन के लिए भटक रहे है। एडवांस में अनूठा लगवा लिया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के शुरू होते ही गांव में जलसंकट की समस्या विकराल रूप लेने लगी है। ग्रामीण हैंडपंप के खराब होने पर गांव से लगे लीलागर नदी के पानी से अपना जीवनयापन कर लेते थे लेकिन स्थिति इस बार ऐसी है कि मुड़पार की जीवनदायिनी लीलागर नदी भी पूरी तरह सूखकर बंजर हो चुकी है। राशन और पानी की समस्या ग्रामीण जूझ रहे है। भूखे जानवरों और पालतू जानवरों की हालत बद से बदतर हो रही है। मुड़पार इतना सीधा और गरीब गांव है कि यहां चावल मिलने से पहले ही ग्रामीण अंगूठा लगा देते है। बरसात आने में दो माह बाकी है यदि जलसंकट की समस्या का शीघ्र निदान नही होगा तो इस दो माह में मुड़पार की जनता त्रासदी को झेलने मजबूर हो जाएगी। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द पानी व राशन की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
राशन की समस्या को लेकर शनिवार को फूड इंस्पेक्टर आशीष धर दीवान जांच में पहुंचे। उन्होंने बताया कि यहां राशन में शार्टेज बना हुआ है। निश्चित ही हितग्राही राशन की समस्या से परेशान है। उच्चाधिकारी को अवगत कराने के बाद सेल्समेन के ऊपर उचित कार्यवाही की जाएगी।
सरपंच दिलीप मननेवार ने पानी की समस्या को लेकर कहा कि भीषण गर्मी के चलते जलस्तर नीचे चला गया है। जिसके चलते हेंडपम्प सूख चुके है। इसका गहरीकरण कराकर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता है।

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