स्वास्थय

यूरिक एसिड बढऩे पर शरीर के इन अंगों में होने लगता है तेज दर्द

भूलकर भी न करें नज़रअंदाज़

यूरिक एसिड, खून में पाया जाने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है। यूरिक एसिड बढऩे के कई कारण हैं। सबसे पहला है हाई प्यूरिन वाले फूड्स जैसे रेड मीट, बीन्स और सी फूड। इसके अलावा किसी मेटाबोलिक और किडनी से जुड़ी बीमारी के कारण भी ये समस्या हो सकती है। हालांकि, किडनी द्वारा इसे आसानी से पचा लिया जाता है लेकिन जब ये वेस्ट शरीर में जमा होने लगता है तो बढ़े हुए यूरिक एसिड का कारण बन जाता है। यूरिक एसिड बढऩे से जोड़ो के अलावा शरीर के इन अंगों में भी दर्द होने लगता है। चलिए जानते हैं यूरिक एसिड बढऩे से कहां कहां दर्द होता है?

यूरिक एसिड बढऩे की वजह से शरीर के इन अंगों में होने लगता है दर्द-

जॉइंट्स में दर्द- जब शरीर में यूरिक एसिड बढऩे लगता है तो क्रिस्टल्स के रूप में हड्डियों में जमने लगते हैं। ये क्रिस्टल्स जोड़ों में जमा होते हैं और तेज दर्द का कारण बनते हैं। ऐसे में इस दर्द को कभी नजरअंदाज ना करें।

जोड़ों के पास लालिमा- शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढऩे से जोड़ों में रेडनेस आने लगती है। अगर कोहनी, घुटने या फिर जोड़ों के पास लालिमा आ रही है तो यह यूरिक एसिड का लेवल हाई होने का संकेत है.

घुटने का दर्द- यूरिक एसिड बढऩे से घुटने का दर्द भी आपको काफी परेशान कर सकता है। ये आपकी ज्वाइंट्स में अकडऩ लाता है और खिंचाव पैदा करता है। इससे घुटने में तेज दर्द की समस्या होती है।

गर्दन में दर्द- यूरिक एसिड बढऩे से गर्दन दर्द की समस्या भी हो सकती है। जी हां, अगर आपको लगता है कि आपकी गर्दन के आस-पास एक अकडऩ है या फिर रह-रह कर तेज दर्द हो रहा है तो ये बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण हो सकता है।

कमर में दर्द- यूरिक एसिड बढऩे का एक बड़ा संकेत कमर दर्द हो सकता है। ये आपके कमर के ज्वाइंट्स में चिपक कर अकडऩ का कारण बनता है और फिर सो कर उठने और लेटने में आपको तेज कमर दर्द के रूप में महसूस हो सकता है।

(डिस्क्लेमर-इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)

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