
तिल्दा नेवरा (वीरेन्द्र साहू )। मंडी रोड तिल्दा नेवरा में स्थित स्टेट बैंक में लगातार 6 माह से बैंक की चककर लगा रही, महिलाओं की जेब खाली की खाली रह गई। महतारी वंदन की पैसे को भी नहीं निकाल रहे है। बैंक वाले, ग्राहक केन्द्र से खोले गए प्रधानमंत्री जनधन खाता को छोटे खाता कहकर स्टेट बैंक के काउंटर से महिलाओं को वापस कर दे रहे हैं। जब महिलायें ग्राहक केन्द्र जा रही है तो वहा से भी पैसा नहीं निकल पा रहे है, ऐसी परिस्थिति में महिलाओ ने जनवरी माह में एटीएम फॉर्म भरकर जमा तो कर दिए लेकिन महिलाओं की एटीएम को स्टेट बैंक वाले अपने पास रख लिए।
फरवरी माह में बनी एटीएम बैंक में पड़ी रही। उपभोक्ता जब बैंक गई पूछताछ कर परेशान हो गई तब बैंक के एक कर्मचारी ने बताया बहुत सारा एटीएम बैंक में ही पड़ा हुआ है। जाओ खोजो अपना एटीएम तब जाकर सभी पीडि़त महिलायें अपना एटीएम पकडक़र पिन बनाने गई और पिन बनाने के बाद भी पैसा नहीं निकलने से महिलाये आक्रोशित होकर हताश हालात में पत्रकारों की शरण ली।
जब पत्रकारों ने स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने प्रधान मंत्री जनधन खाते को बड़े खाते में कन्वर्ट करने की बात कही लेकिन आज तक तो सभी बैंक में उपभोक्ता छोटे बड़े खाता कभी नहीं सुने थे। महिलाओं की खाता को स्टेट बैंक से निष्क्रिय खाता में डाल दिया गया है जिस वजह से एटीएम और ग्राहक सेवा केन्द्र से भी पैसा नहीं निकल रहा है और न ही ब्रांच से इस स्थिति में महिलाओ के खाते में सहारा इण्डिया क्लेम का पैसा, महतारी वंदन का पैसा और महिलाओं द्वारा खुद जमा की गई पैसा भी नहीं निकल रही है। ऐसी स्थिति में महिलायें स्टेट बैंक तिल्दा नेवरा में आंदोलन करने की योजना बना रही है।



