गरियाबंद। 25 व 26 जून को संपूर्ण राष्ट्र आपात्काल का ‘‘काला दिवास’’ के रूप में मनाता है । इस वर्ष ‘‘आपात्काल का 50वां वर्ष है’’ जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रतिवर्ष 25 जून को ‘‘संविधान हत्या दिवस’’ शासकीय व समाज स्तर पर मनाने की घोषणा की।
यह घोषणा असामान्य नहींसारा देश हमेशा आजादी की दूसरी लड़ाई जो एक तानाशाही लोकतंत्र विरोध, सत्तालोपुप सरकार के द्वारा उस न्यायालयीन आदेश पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री पद से हटाने, चुनाव लडऩे अपात्र घोषित किया जिस आदेश का परिपालन करने विपक्षी दबाव को भी अनसुना कर पूर्ण अवैधानिकता से रातो-रात आपात्काल लगा लााखों विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं को मीसाबंदी आई.आर. कानून के तहत अनिश्चित काल हेतु जेलों में डाल दिया जिन्हें न तो न्यायालय जाने न जमानत प्राप्त करने का अधिकार था, समाचार पत्रों को भी सरकार व गांधी परिवार विरोधी समाचारों को सेंसरशिप के माध्यम से छीन लिया जिन्होने विरोध करने का सत्यता छापने की हिम्मत की तो मशीनें सील, पत्रकार व संपादक गिरफ्तार कर लिये गये ।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आपात्काल में पीडि़त प्रदेश के ऐसे समस्त लोकतंत्र सेनानी/सत्याग्रहियों को 26 जून को अपने आवास पर आमंत्रित कर सम्मानित करने की घोषणा की है । इस अवसर पर आपात्काल का काला इतिहास एवं संविधान हत्या दिवस पर प्रबुद्ध वक्ताओं के भाषण होंगे व काले अध्याय पर पुस्तिका का विमोचन भी भी होगा ।
निबंध प्रतियोगिता- लोकतंत्र प्रहरी, सहयोगी संगठन लोकतंत्र सेनानी संघ के अध्यक्ष विशाल राजहंस व प्रहरी के राष्ट्रीय अध्क्ष सच्चिदानंद उपासने की पहल पर प्रदेश के महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओ हेतु संविधान हत्या दिवस कितना प्रासंगिक ? एवं विद्यालयनी छात्र-छात्राओं हेतु आपात्काल कभी विस्तृत न हो ? निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर विजेताओं को दोनों स्तरों पर 31, 21, व 11 हजार रूपयचों के नगद पुरस्कार एवं सारगर्भित निबंधों को प्रोत्साहन पुरस्कार तथा महाविद्यालय व विद्यालयों को प्रमाण पत्र दिये जावेगें । महाविद्यालय, विद्यालय व छात्र-छात्राऐं मोबाईल नंबर 9425202652 व 942535209 पर निबंध के बारे में जानकारी ले सकते है, दिनांक 18/06/2025 को स्थानीय विश्रामगृह में सच्चिदानंद उपासने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संयोजक लोकतंत्र प्रहरी ने पत्रकारो को पत्रकार वार्ता में जानकारी दी ।



