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राज्यपाल रमेन डेका ने पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

El gobernador Ramen Deka expresó sus profundas condolencias por el fallecimiento del exgobernador Shekhar Dutt

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
राज्यपाल श्री डेका ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री दत्त एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक सच्चे सैनिक और राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने सेना से लेकर प्रशासन तक की अपनी प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और देशप्रेम के साथ निभाया। छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके शोकसंतप्त परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।
शेखर दत्त ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की थी। वे 1966 में सेना में शामिल हुए और 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने साहसपूर्वक हिस्सा लिया। इस युद्ध में बहादुरी और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए उन्हें वीरता के लिए दिया जाने वाला विशिष्ट सेवा पदक सेना मेडल प्रदान किया गया। सेना से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के बाद वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होकर तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य तथा केंद्र सरकार में कई उच्च पदों पर कार्य किया।
उल्लेखनीय है कि शेखर दत्त 23 जनवरी 2010 से 1 जुलाई 2014 तक छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, पशु संवर्धन, समाज कल्याण, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बच्चों और युवाओं के हित, अनुसूचित जाति-जनजातियों के कल्याण,उद्योग तथा कला, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने हमेशा वैज्ञानिक सोच और बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित किया और प्राकृतिक संसाधनों पर शोध को बढ़ावा देने हेतु पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में केंद्र सरकार द्वारा ‘नेशनल सेंटर फॉर नेचुरल रिसोर्सेज’ की स्थापना में अहम योगदान दिया। रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में ‘शहीद वाटिका’ के निर्माण में भी उनकी प्रेरक भूमिका रही, जो देश के वीर जवानों की स्मृति को सदा जीवंत बनाए रखेगा।

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