छत्तीसगढ़

सरपंच वंशकार के नेतृत्व में आत्मानंद स्कूल में फैली हरियाली की अलख , ‘हर पेड़ में मां का आशीर्वाद है इसे बचाएं’ : सरपंच मनीषा वंशकार

- सीपत में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान की भावनात्मक शुरुआत, आत्मानंद स्कूल में बच्चों ने लिया पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। ‘एक पेड़ मां के नाम’ — इस भावपूर्ण संकल्प के साथ शनिवार को सीपत में पर्यावरण संरक्षण की नई पहल की शुरुआत हुई। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सीपत के प्रांगण में इस अभियान के तहत पौधरोपण कर धरती को हरियाली का उपहार दिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि व सीपत सरपंच श्रीमती मनीषा योगेश वंशकार ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ मिलकर पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां केवल जन्म नहीं देती, जीवन भी देती है और हर पेड़ उसी जीवन को बनाए रखने का माध्यम है। जब हम मां के नाम एक पौधा लगाते हैं, तो हम धरती मां के ऋण को चुकाने की दिशा में पहला कदम बढ़ाते हैं। प्रकृति को संतुलित बनाने एवं पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त करने पौधरोपण करना बहुत जरूरी है। मां के नाम एक पेड़ लगाना केवल भावनात्मक जुड़ाव नही बल्कि धरती माँ के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। यह वृक्ष आने वाली पीढिय़ों को शुद्ध हवा व हरियाली का आशीर्वाद देगा। सरपंच ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पेड़ों को केवल लगाएं नहीं, बल्कि उन्हें पालें, सींचें और उनकी रक्षा करें, जैसे वे अपने परिवार के किसी सदस्य की करते हैं। विद्यालय के प्रांगण में इस दौरान नीम, अमरूद, करंज, अशोक और तुलसी जैसे औषधीय व छायादार पौधे रोपे गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और ‘एक पेड़ मां के नाम’ को अपनी चेतना का हिस्सा बनाया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों व स्थानीय जनों ने पर्यावरण सरंक्षण की शपथ ली. विद्यालय परिवार द्वारा सरपंच श्रीमती वंशकार को हरियाली अभियान की प्रेरक स्तंभ मानते हुए सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ व्याख्याता पीके पटेल, संतोष सिंह , केपी कश्यप , लोभेराम साहू , आर एल दीवाकर सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।

सरपंच मनीषा योगेश वंशकार ने विद्यार्थियों से कहा:

आज के बच्चे ही कल के नागरिक हैं। अगर आप आज एक पौधा लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं, तो आप न केवल अपने लिए, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवन बचा रहे हैं। हर पेड़ सिर्फ ऑक्सीजन नहीं देता, यह छांव, जीवन और आशा भी देता है। मेरी आप सबसे अपील है कि इसे केवल एक अभियान न समझें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। एक पेड़ लगाइए और उसे अपनी मां की तरह स्नेह दीजिए — क्योंकि जैसे मां हमें जीवन देती है, वैसे ही पेड़ हमें जीवन जीने लायक वातावरण देते हैं।

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