छत्तीसगढ़

‘नवाचार, प्रशिक्षण और योजना – शिक्षकों को नवीन पाठ्यपुस्तक के लिए मिला दक्षता का डिजिटल मार्गदर्शन’

FLN आधारित ब्लेंडेड ऑनलाइन प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर ष्ठ.श्व.ह्र. डॉ. अनिल तिवारी ने दिए शिक्षकों को प्रेरक शैक्षिक सूत्र

सीपत (हिमांशु गुप्ता) । छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर के निर्देशन, डाइट पेंड्रा के मार्गदर्शन और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी के नेतृत्व में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों हेतु नवीन एफएलएन (स्नरुहृ) आधारित नवीन पाठ्यपुस्तक पर ब्लेंडेड ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण को मस्तूरी ब्लॉक के तीन जोन — सीपत, मस्तूरी और पचपेड़ी में विभाजित कर 5 दिवसीय प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया गया है।

D.E.O. ने दिए प्रेरणादायक दिशा-निर्देश

द्वितीय दिवस पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल तिवारी ने गूगल मीट के माध्यम से जुडक़र शिक्षकों को विद्यालयीन शैक्षिक वातावरण को समृद्ध करने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने विद्यालय विकास योजना, स्कूल इम्प्रूवमेंट प्लान, शिक्षक डायरी, पाठ योजना, पठन-लेखन गतिविधियां, निरीक्षण कार्य, और विषय आधारित मॉडल से कक्षा को रुचिकर और परिणामोन्मुखी बनाने पर जोर दिया।

FLN प्रभारी ने स्पष्ट की शिक्षण रणनीति

डाइट पेंड्रा से एफएलएन जिला प्रभारी विकास वर्मा ने ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण के संयोजन को रेखांकित करते हुए शिक्षकों को योजनाबद्ध एवं लक्ष्य केंद्रित शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

पेडागॉजी प्रमुख से मिली शिक्षण में दक्षता की दिशा

ब्लॉक पेडागॉजी प्रभारी एवं एबीईओ श्री शिवराम टंडन ने एफएलएन की मूल दक्षताएं — भाषा व गणित की पूर्व जांच एवं बच्चों की शैक्षिक स्थिति के अनुरूप लर्निंग आउटकम आधारित योजना बनाने का सुझाव दिया।

विशेषज्ञों ने दिए विषय आधारित सुझाव

प्रशिक्षण के दौरान क्चक्रत्रह्य कल्पना सिंह, सावित्री सेन, अमरदीप भोगल, लकेश्वर नेताम, जितेंद्र वैष्णव, धीरेंद्र सत्यवेदी और शंकर लाल कैवर्त ने साप्ताहिक एवं सावधिक आंकलन, बहुकक्षा शिक्षण, और उसकी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। इस सत्र में 456 शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

तकनीकी टीम व समन्वयकों का रहा सराहनीय योगदान

प्रशिक्षण को सुचारू रूप से संचालित करने में प्रशिक्षण प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय (संकुल शैक्षिक समन्वयक, कन्या सीपत), सुचित्रा चंदेल (हिर्री), पुरुषोत्तम धृतलहरे (लोहरसी), चरणदास महंत, रंजीता जांगड़े आदि शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा. यह प्रशिक्षण शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की दिशा में सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता को निश्चित रूप से ऊंचा उठाएगा।

Related Articles

Back to top button