छत्तीसगढ़

‘मछली पालन से बढ़ेगा किसानों का आत्मबल, मन और तन रहेगा स्वस्थ’ : विधायक दिलीप लहरिया

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर गुरुवार को सीपत के मंगल भवन में मत्स्य विभाग द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और ग्रामीणों व कृषकों को संबोधित करते हुए मछली पालन को गांव-गांव तक फैलाने का आह्वान किया। विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि मछुआरा समाज हमारे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कांग्रेस सरकार ने हमेशा मछुआरा भाइयों को सम्मान दिया और उन्हें सशक्त बनाने विशेष योजनाएं चलाईं। आज मछली पालन से किसान धान की तुलना में ज्यादा आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज देश के 80त्न हिस्से में मछली एक प्रमुख आहार बन चुका है, जिसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। मछली खाने से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। मछली पालन कोई बहुत प्रतिस्पर्धी व्यवसाय नहीं है, आप इसे सहजता से अपनाकर गांव में समृद्धि ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि तालाबों में मछली पालने से न केवल आजीविका सशक्त होती है बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है।

जनपद सभापति मनोज खरे बोले – योजनाओं का लाभ लेकर किसान बनें आत्मनिर्भर

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं जनपद कृषि स्थायी समिति के सभापति मनोज खरे ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा कृषकों के हित में अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जरूरत है कि किसान जागरूक होकर इनका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इससे वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बनाएंगे। उन्होंने किसानों से कहा कि मछली पालन एक ऐसा जरिया है, जिससे कृषि के साथ अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।

मत्स्य निरीक्षक सतरूपा जायसवाल ने दी विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम का संचालन करते हुए मत्स्य विभाग मस्तूरी की निरीक्षक सतरूपा जायसवाल ने मत्स्य पालन से संबंधित विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा मछुआ समुदाय के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मछुआ कृषक दुर्घटना बीमा योजना, तालाब विकास योजना, मत्स्य बीज वितरण, जाल-धागा सहायता जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण जीवन को समृद्ध बना सकते हैं। सतरूपा जायसवाल ने किसानों से अपील की कि वे अपने गांव के तालाबों में मछली पालन कर न केवल कुपोषण मिटाएं, बल्कि गरीबी से भी मुक्ति पाएं।

विशेष उपस्थिति और वितरण कार्यक्रम

मंच पर जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर, सत्यकली बावरे, सरपंच मनीषा योगेश वंशकार, राजेन्द्र पाटले (सरपंच, जांजी) सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा चयनित मछुआ कृषकों को विभाग की ओर से मछली पकडऩे का जाल व धागा वितरित किया गया।

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