सीआरपीएफ में चयन के बाद लाडले अभिषेक सिंह का जुहली में तिरंगा सम्मान
गाजे-बाजे, फूलों और जयघोष के साथ ऐतिहासिक स्वागत

गांव लौटे फौजी बेटे का तिरंगे संग स्वागत, अभिषेक सिंह पर गर्व से झुका जुहली
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। जुहली गांव के युवा अभिषेक सिंह ने अपने बुलंद हौसले और मेहनत से सीआरपीएफ में चयन पाकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जैसे ही वह नीमच (मध्यप्रदेश) में 6 माह की कठोर ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गांव लौटे, जुहली में ऐतिहासिक उत्सव सा नज़ारा देखने को मिला। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, तिरंगा रैली, फूलमालाओं, गुलाल और आतिशबाजी से उनका भव्य स्वागत किया। अभिषेक सिंह, जो कि ग्राम पंचायत जुहली की सरपंच श्रीमती चन्देश्वरी त्रिभुवन पोरते के सुपुत्र हैं, को देखने और स्वागत करने के लिए गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह दृश्य केवल किसी विजय दिवस जैसा लग रहा था, जहां हर आंखों में गर्व और हर जुबां पर भारत माता की जय गूंज रही थी।
टीआई गोपाल सतपथी ने कहा कि जुहली जैसे ग्रामीण क्षेत्र का युवा अभिषेक जिस तरह से सीआरपीएफ जैसी देश की प्रतिष्ठित फोर्स में चयनित हुआ है, वह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। युवाओं को इससे प्रेरणा मिलेगी कि मेहनत और लगन से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है। जुहली गांव ने देश को एक सच्चा सिपाही दिया है। सरपंच चन्देश्वरी त्रिभुवन पोरते ने कहा कि अभिषेक केवल मेरा बेटा नहीं, पूरे जुहली का बेटा है। उसकी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति ने यह मुकाम दिलाया। गांव में उसके आगमन ने हम सभी को गौरवान्वित किया है। आज हर मां-बाप को अपने बेटे में अभिषेक जैसा जोश भरने की जरूरत है।
जुहली के लाडला व सीआरपीएफ के जवान अभिषेक सिंह बोले भावुक होकर कहा कि मैंने जो कुछ भी पाया, वह मेरे माता-पिता, शिक्षकों, और गांववासियों के आशीर्वाद से संभव हुआ। सीपत के शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय से बीएससी करते समय से ही मुझे फौज में जाने का सपना था। ट्रेनिंग के दौरान हर पल गांव की मिट्टी की खुशबू मुझे ताकत देती रही। आज इस स्वागत ने मेरी मेहनत को सार्थक कर दिया। मैं देश सेवा को अपना धर्म मानता हूं। इस दौरान आयोजित स्वागत समारोह में सीपत थाना प्रभारी (टीआई) गोपाल सतपथी, एएसआई भरत मरकाम, जनपद सदस्य भागीरथी पोरते, सरपंच श्रीमती चन्देश्वरी त्रिभुवन पोरते, समाजसेवी रमिन सिंह, गिरधारी यादव, महिला कमांडो टीम, और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। महिला कमांडो द्वारा अभिषेक सिंह को पारंपरिक गमछा, नारियल व भारत माता का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समूचा माहौल देशभक्ति से सराबोर हो उठा।
दीपावली के बाद मिली नियुक्ति, बनी खुशियों की दोहरी सौगात
23 वर्षीय अभिषेक सिंह को दीपावली 2024 के ठीक बाद नियुक्ति पत्र मिला था। इसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए एमपी के नीमच में सीआरपीएफ की 6 माह की कठिन ट्रेनिंग में हिस्सा लिया और सफलतापूर्वक उसे पूर्ण किया।
अंत में सभी का जताया गया आभार
कार्यक्रम के अंत में मंच से ग्रामवासियों, आगंतुक अधिकारियों, महिला कमांडो टीम, और सभी सहयोगियों का हृदय से आभार जताया गया। यह आयोजन न केवल अभिषेक के लिए बल्कि जुहली गांव के गौरव का प्रतीक बन गया। यह दिखाता है कि देशभक्ति की असली शुरुआत गांवों से होती है। अभिषेक जैसे युवाओं से ही भारत का भविष्य सुरक्षित है।


