त्रिपक्षीय वार्ता: तीन महीने में पूरी होंगी 33 मांगें, एनटीपीसी ने दी सौ प्रतिशत रोजगार व विकास की गारंटी
प्रबंधन ने कहा -‘ग्राम विकास परियोजनाएं दीजिए, पूरा करने का देंगे वादा’

जनप्रतिनिधियों की चेतावनी- वादाखिलाफी हुई तो 8 ग्रामों का होगा बड़ा आंदोलन’
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। रोजगार, विकास और जनहित की 33 मांगों को लेकर सोमवार को मंगल भवन सीपत में हुई त्रिपक्षीय बैठक को सर्वदलीय मंच ने ऐतिहासिक जीत करार दिया। प्रशासन, एनटीपीसी प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई इस अहम वार्ता में लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बनी।
बैठक में एनटीपीसी प्रबंधन ने स्पष्ट कहा कि भूविस्थापित स्थानीय मजदूरों को अकुशल श्रेणी में सौ प्रतिशत रोजगार दिया जाएगा। साथ ही पंचायतों से अपील की गई कि वे चार वर्षों के लिए विकास की परियोजनाएं सौंपें, जिन्हें हरसंभव प्रयास कर पूरा किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की मांग पर अब हर साल त्रिपक्षीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें ग्राम विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वहीं ओव्हरलोड राखड़ परिवहन पर सख्ती बरतने और सडक़ों पर राखड़ धूल न फैलने देने का भरोसा भी प्रबंधन ने दिया।सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की राशि को सीधे पंचायतों के माध्यम से खर्च करने की मांग भी सरपंचों ने जोर शोर से रखी।
एनटीपीसी प्रबंधन ने तीन महीने के भीतर सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। हालांकि, सर्वदलीय मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा (तीन महीने) में वादे पूरे नहीं किए गए तो प्रभावित आठ ग्रामों के लोग एनटीपीसी गेट पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक के दौरान मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के नेतृत्व में मौजूद प्रतिनिधियों ने राखड़ इंचार्ज अनंत कुमार वासने के दुर्व्यवहार और गंभीर शिकायतों को लेकर तत्काल हटाने की मांग भी जोरदार ढंग से रखी।त्रिपक्षीय वार्ता में प्रशासनिक अमले से लेकर एनटीपीसी प्रबंधन और मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक इंजी रामेश्वर खरे जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर, अतिरिक्त कलेक्टर एस एस दुबे , एसडीएम प्रवेश पैकरा, सीपत तहसीलदार सोनू अग्रवाल , थाना प्रभारी गोपाल सतपथी , एनटीपीसी सीपत अधिकारी एजीएम एच आर सत्यकाम सर , शैलेश चौहान, एचआर डीजीएम श्वेता, एचआर डीजीएम अजीत कुमार , एनटीपीसी जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती, जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चन्द्रप्रकाश सूर्या, जनपद सभापति मनोज खरे, भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा, राज्यवर्धन कौशिक, शत्रुहन लास्कर, जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू, देवेश शर्मा, विजय गुप्ता, मंडल उपाध्यक्ष अभिलेश यादव, मन्नू सिंह , सरपंच संघ अध्यक्ष प्रतिनिधी शैलेन्द्र खांडेकर, सीपत सरपंच प्रतिनिधी योगेश वंशकार , प्रमोद जायसवाल , अशोक सूर्यवंशी दर्राभांठा सरपंच एनल धृतलहरे , जांजी सरपंच प्रतिनिधी राजेन्द्र पाटले , देवरी सरपंच रूपचंद रात्रे , कृष्ण कुमार राठौर, आशीष बांकरे , मदनलाल पाटनवार , रामशंकर श्रीवास, श्याम पटेल सहित सैकड़ों की संख्या में सीपत जांजी दर्राभाठा कर्रा कौडिय़ां देवरी गतौरा गुड़ी आठ प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।
त्रिपक्षीय वार्ता के 5 बड़े फैसले
1. 100 प्रतिशत रोजगार- भूविस्थापित स्थानीय मजदूरों को अकुशल श्रेणी में सौ प्रतिशत रोजगार देंगे एनटीपीसी।
2. ग्राम विकास की गारंटी- पंचायतों से चार वर्षों की परियोजनाएं लेकर हरसंभव प्रयास से पूरा करेंगे।
3. हर साल बैठक- ग्राम विकास और जनहित मुद्दों पर हर साल होगी त्रिपक्षीय बैठक।
4. राखड़ पर सख्ती- ओव्हरलोड ट्रांसपोर्टिंग पर रोक, सडक़ पर राखड़ व धूल न फैले इसका विशेष ध्यान।
5 सीएसआर राशि का उपयोग-सामाजिक उत्तरदायित्व मद (सीएसआर) की राशि सीधे पंचायतों के माध्यम से खर्च करने की मांग पर सहमति।
– सर्वदलीय मंच की चेतावनी- सर्वदलीय मंच ने कहा, तीन महीने में वादे पूरे न हुए तो आठ ग्रामों के लोग एनटीपीसी गेट पर उग्र आंदोलन करेंगे।



