छत्तीसगढ़

भक्ति और संस्कृति से ही समाज को नई दिशा मिलती है: रेवांशकर

तीज पर्व पर सुखरीपाली रांक में भक्तिमय भजन-कीर्तन एवं पंडवानी का भव्य आयोजन, बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। तीज पर्व के अवसर पर ग्राम सुखरीपाली रांक में सोमवार की शाम एक भव्य भक्तिमय संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कलाकार भरतगिरी गोस्वामी के मार्गदर्शन में पंडवानी एवं भजन-कीर्तन कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य रेवांशकर साहू शामिल हुए। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि भक्ति और संस्कृति से ही समाज को नई दिशा मिलती है। गांव-गांव में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से हमारी परंपराएं जीवित रहती हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुडऩे का अवसर मिलता है।
जनपद सदस्य रेवांशकर साहू ने आयोजक मंडली की सराहना करते हुए कहा कि तीज जैसे पारंपरिक पर्व पर इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं बल्कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। आज के दौर में जब आधुनिकता हमारी परंपराओं को पीछे छोड़ रही है, तब ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी पहचान को जीवित रखते हैं। पंडवानी और भजन-कीर्तन केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जीवन मूल्य सिखाने का माध्यम है। महाभारत जैसे प्रसंग हमें धर्म, नीति और सत्य पर चलने की प्रेरणा देते हैं। गांव-गांव में इस तरह के कार्यक्रमों से आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और नई पीढ़ी में संस्कार जागृत होते हैं। मैं आयोजक मंडली को धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने तीज जैसे पावन अवसर पर इतनी भव्य और भक्तिमय संध्या का आयोजन किया, जिसमें हर उम्र के लोग एक साथ बैठकर भक्ति का रसपान कर रहे हैं। यही हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी खूबी है। इस अवसर पर पंडवानी दल की कलाकार नंदनी पटेल एवं जीतराम यादव ने महाभारत प्रसंग पर आधारित रंगारंग पंडवानी प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट से खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहा और उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध होकर देर रात तक डटा रहा।
भजन-कीर्तन और पंडवानी की एक से बढक़र एक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। इस मौके पर हरदाडीह के पूर्व सरपंच कीर्तन मरावी, टेकराम साहू, दिनेश साहू, पुनाराम साहू, ललित साहू, रघुवीर पटेल, जगन्नाथ पटेल, हरिकिशन, पवन साहू, लव साहू, हेमंत साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामवासियों ने कहा कि ऐसे आयोजन से गांव का माहौल एकजुट और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होता है।

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