मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन अनिवार्य; संकुल बैठक में रसोइयों को दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देश
खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, जवाबदेही और मीनू अनुपालन पर दिया गया जोर

57 सदस्यों को विस्तृत जानकारी, अधिकारियों ने सख्ती से नियम पालन की कही बात
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। स्कूल शिक्षा विभाग, विकासखंड मस्तूरी के संकुल केंद्र सीपत सेजेस स्कूल में शनिवार को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के मध्यान्ह भोजन स्व सहायता समूह के अध्यक्ष, सचिव और रसोइयों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संकुल केंद्र कन्या सीपत और बालक सीपत के अंतर्गत आने वाले 17 विद्यालयों सीपत, नवाडीह, बरेली, कौवाताल, झलमला, नवागांव, मचखंडा और नरगोड़ा सहित अन्य ग्रामों से जुड़े 57 सदस्य उपस्थित हुए। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी के निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सदस्यों को विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल, रसोई भंडारण व स्वच्छता, पर्यवेक्षण और जवाबदेही, सुरक्षा एवं प्रवेश नियंत्रण, प्रशिक्षण एवं जागरूकता, चिकित्सा तैयारी, समुदाय और अभिभावक की जिम्मेदारी, रिपोर्टिंग तंत्र, आपराधिक जवाबदेही तथा रसोइयों के ड्रेस कोड जैसे बिंदुओं पर अवगत कराया गया। संकुल शैक्षिक समन्वयक बालक सीपत श्रीकांत श्रीवास ने कहा कि मध्यान्ह भोजन बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रत्येक स्व सहायता समूह और रसोइया शासन द्वारा निर्धारित मीनू और मात्रा का पालन करें। स्वच्छता और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संकुल शैक्षिक समन्वयक कन्या सीपत प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि मुख्य सचिव के दिशा-निर्देश केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करने का ठोस कदम है। हर सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह पूरी निष्ठा के साथ नियमों का पालन करे। बैठक में स्व सहायता समूह और एमडीएम संचालक प्रधान पाठक लक्ष्मी माल्या, किरण पाटले, गायत्री साहू, गीता धीवर, अनुसुइया धीवर और त्रिवेणी साहू सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।




