सीपत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन; विशुद्ध प्रेम ही संघ कार्य का आधार: सुनील चौहान
विजयादशमी उत्सव पर अनुशासन, देशभक्ति और संगठन शक्ति का प्रदर्शन , जगह जगह पुष्पवर्षा से स्वागत , जयघोष से गूंजा सीपत नगर

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। विजयादशमी उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सीपत द्वारा रविवार को विशाल पथ संचलन एवं आमसभा का आयोजन आत्मानंद स्कूल प्रांगण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा लगाकर ध्वज वंदन के साथ किया गया, जिसमें सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में अनुशासित रूप से उपस्थित रहे। पथ संचलन आत्मानंद स्कूल प्रांगण से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, थाना चौक, तहसील परिसर होते हुए नावाडीह चौक तक पहुंचा। मार्ग में नागरिकों ने पुष्प वर्षा और पटाखों से स्वयंसेवकों का भव्य स्वागत किया। इसके बाद संचलन माता चौरा होते हुए पुन: आत्मानंद स्कूल प्रांगण में पहुंचकर सभा के रूप में परिवर्तित हुआ।
सभा के प्रारंभ में संचलन गीत एवं सुभाषित प्रस्तुत किए गए। इसके पश्चात मुख्य अतिथि सरपंच प्रतिनिधि श्री राजेंद्र पाटले ने संबोधित करते हुए संघ के अनुशासन और सेवा भाव की सराहना की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला बौद्धिक प्रमुख (बिलासपुर) श्री सुनील चौहान ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा में अनेक विरोधों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद निस्वार्थ समर्पण और विशुद्ध प्रेम के आधार पर राष्ट्र निर्माण का कार्य किया है। संघ कार्य का मूल तत्व प्रेम और सेवा है, जो हृदय से हृदय को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि पूजनीय डॉ. हेडगेवार ने ऐसे स्वयंसेवकों का निर्माण किया जो तन-मन-धन से राष्ट्र के प्रति समर्पित हैं। आज संघ समाज जीवन के हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा चुका है। चौहान ने यह भी कहा कि हम सभी का सौभाग्य है कि संघ के इस शताब्दी वर्ष में हमें भी राष्ट्र सेवा की भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है। पूर्ण श्रद्धा और समर्पण से कार्य करते हुए हम अपने इसी जीवन में भारत का परम वैभव अवश्य देखेंगे। कार्यक्रम में संघ के सभी अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ता सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। आत्मानंद स्कूल प्रांगण में आयोजित यह आयोजन अनुशासन, ऊर्जा और देशभक्ति से ओत-प्रोत रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में आरएसएस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



