रेलवे लाइन से प्रभावित मड़ई गांव की पुकार, दो वर्षों से ठप पड़ा विकास, अब सीएसआर मद से कार्य स्वीकृति की मांग तेज
ग्राम पंचायत मड़ई ने एनटीपीसी प्रबंधन से मांगा सहयोग , अधूरे स्टेडियम, सौर लाइट, सीसी रोड और गोठान अहाता निर्माण की रखी प्रमुख मांगें, प्रभावित परिवारों को रोजगार देने की अपील

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। ग्राम पंचायत मड़ई ने एनटीपीसी सीपत के महाप्रबंधक के नाम एक ज्ञापन एचआर डीजीएम श्री सत्यकाम सर को सौंपा है। ज्ञापन में सीएसआर मद से ग्राम विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग की गई है।
पंचायत ने कहा कि मड़ई गांव रेलवे लाइन से प्रभावित क्षेत्र है, जहां पूर्व में एनटीपीसी द्वारा कई विकास कार्य किए गए थे, परंतु पिछले दो वर्षों से कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत ने एनटीपीसी से आग्रह किया है कि वह अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत अधूरे विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराए, जिससे ग्रामवासियों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके। सरपंच फिरतराम अनंत ने मिनी स्टेडियम को पूर्ण करने हेतु राशि स्वीकृत की जाने , स्टेडियम में सौर लाइट एवं स्पोर्ट्स क्लब भवन का निर्माण कराए जाने , स्टेडियम परिसर में मंगल भवन का निर्माण किए जाने , गोठान में मवेशी सुरक्षा हेतु 700 मीटर अहाता एवं गेट निर्माण कराए जाने , ग्राम के चौक चौराहों पर सौर ऊर्जा लाइटें लगाया जाने , परऊ बैगा चौक से फुलवारी तालाब बिकुला रोड तक सीसी रोड निर्माण कराए जाने की मांग पत्र लिखकर की है। सरपंच फिरतराम अनंत ने बताया कि मड़ई ग्राम एनटीपीसी परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित है, लेकिन पिछले दो वर्षों से यहां विकास कार्य ठप हैं। अधूरे स्टेडियम, सीसी रोड और सौर लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से ग्रामीण परेशान हैं। हमने एनटीपीसी से निवेदन किया है कि सीएसआर मद से इन कार्यों को शीघ्र स्वीकृति दी जाए। साथ ही जिन परिवारों की जमीन परियोजना में ली गई थी, उन्हें अब रोजगार दिया जाना न्यायसंगत होगा। ग्राम पंचायत मड़ई द्वारा श्री सत्यकाम को सौंपे गए ज्ञापन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि एनटीपीसी प्रबंधन शीघ्र संज्ञान लेकर गांव के अधूरे विकास कार्यों को गति देगा और प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराएगा।

पंचायत ने एक अलग आवेदन में यह भी कहा है कि मड़ई के ऐसे कई परिवार हैं जिनकी भूमि एनटीपीसी द्वारा रेलवे लाइन निर्माण हेतु अधिग्रहित की गई थी। परियोजना को आरंभ हुए लगभग 20 वर्ष बीत चुके हैं, परंतु इन परिवारों को अब तक रोजगार नहीं मिला है। पंचायत ने मांग की है कि ऐसे प्रभावित परिवारों को मेंटेनेंस कार्यों में प्राथमिकता से रोजगार दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित हो सके।

