छत्तीसगढ़

भक्ति, आस्था और अनुशासन का संगम बना चमेंटा तालाब , उमड़ा श्रद्धा का सैलाब , व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य

एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक विजयकृष्ण पांडेय सपत्नीक हुए शामिल, व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। भक्ति, अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम सोमवार की शाम को चमेंटा तालाब के घाट पर देखने को मिला। पावन छठ पर्व के अवसर पर सीपत क्षेत्र के व्रती महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पहले डूबते और फिर उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर छठी मइया से परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना की। सोमवार की शाम जब सूर्यास्त होने लगा, तब महिलाओं ने सजे हुए दउरे में फल, ठेकुआ, नारियल और दूब रखकर तालाब के पवित्र जल में उतरते हुए ‘छठ मइया की जय’ के जयघोष किए। पूरा घाट दीपों की पंक्तियों, आकर्षक लाइटों और लोकगीतों की मधुर ध्वनि से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस दिव्य दृश्य को निहारते रहे।

एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक पांडेय ने दी शुभाकामनाएं

इस अवसर पर एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री विजयकृष्ण पांडेय अपनी धर्मपत्नी के साथ विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का वह उज्जवल प्रतीक है, जो प्रकृति, परिवार और पर्यावरण के प्रति हमारी कृतज्ञता को दर्शाता है। इस पर्व में जो अनुशासन और पवित्रता है, वही इसे अनोखा बनाती है। सीपत में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक साथ देखकर अत्यंत हर्ष हो रहा है। उन्होंने समिति और स्थानीय नागरिकों की तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता, स्वच्छता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश फैलता है। यह परंपरा हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। व्रती महिलाओं ने कहा कि छठी मइया हमारे परिवार की रक्षक हैं। हम हर वर्ष उनके आशीर्वाद से अपने घर-परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और संतान की दीर्घायु की कामना करते हैं।

कल उगते सूर्य को अर्घ्य घाट पर लगेंगी श्रद्धालुओं की भीड़

मंगलवार की सुबह जैसे ही पूर्व दिशा में लालिमा फैली, वैसे ही तालाब घाट पर व्रती महिलाएं फिर से एकत्र होंगी। हाथों में सूप, कलश और दउरा लिए, वे छठ गीत गाती हुई उगते सूर्य की आराधना में लीन रहेंगी। तालाब का जल लाल आभा से चमक उठा, और सूर्यदेव के प्रथम किरणों के साथ महिलाओं ने अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगी।

सजावट और माहौल

पूरे घाट क्षेत्र को आकर्षक रूप से सजाया गया था — रंग-रोगन, फूलों की झालरें, रंगीन लाइटें और स्वागत द्वार से पूरा माहौल उत्सवमय बना रहा। बाजे और ढोलक की थाप पर श्रद्धालु झूमते रहे। इस दौरानसुरक्षा और स्वच्छता का भी ध्यान रखा गया है।

उपस्थित रहे कई गणमान्य

इस अवसर पर आशीष वासनिक, जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती, अनंत वासनिक, इंद्रदीप साहू, गोपाल यादव, डॉ. ए.के. शर्मा, संतोष यादव, राजेंद्र उरांव सहित छठ पूजा समिति के सभी सदस्य अपने परिवार सहित उपस्थित रहे।

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