छत्तीसगढ़

‘श्रमिकों की एकता ही सबसे बड़ी ताकत , इनके हितों पर कोई समझौता नहीं’ : एनटीपीसी सीपत की आमसभा में सुनकरी मलेशन की हुंकार

बीएमएस की विशाल आमसभा में उमड़ा कर्मचारियों का सैलाब, 15 नवंबर के यूनियन चुनाव में मजदूर हितों के लिए बीएमएस के पक्ष में वोट देने की अपील

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। एनटीपीसी सीपत में प्रतिनिधि यूनियन चुनाव की गहमागहमी के बीच मंगलवार शाम बीएमएस की विशाल आमसभा ने पूरा परिसर गूंजा दिया। श्रमिक एकता अमर रहे और बीएमएस जिंदाबाद के नारों के बीच एनटीपीसी गेट पर आयोजित इस सभा में सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। मंच पर वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बीएमएस ही वह संगठन है जो मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत है।

मजदूर अब जाग चुका है, कोई उसकी आवाज नहीं दबा सकता : सुनकरी मलेशन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनटीपीसी एनबीसी केंद्रीय प्रतिनिधि सुनकरी मलेशन ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि बीएमएस का उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि मजदूरों की असली लड़ाई लडऩा है। हमारा हर कदम कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। अब वक्त है कि मजदूर अपनी ताकत पहचाने और एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा कि बीएमएस ने देशभर में मजदूरों की समस्याओं को सरकारों के सामने मजबूती से रखा है। सीपत के श्रमिकों की उम्मीदें अब बीएमएस से जुड़ी हैं — क्योंकि बीएमएस वादे नहीं, कर्म में विश्वास रखता है।

बीएमएस मजदूरों की आवाज, कोई इसे दबा नहीं सकता : सुरेंद्र राठौर

एनटीपीसी मजदूर महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र राठौर ने कहा कि बीएमएस हमेशा से मजदूरों की आवाज रहा है। चाहे वेतन विसंगति का सवाल हो, पदोन्नति की बात हो या ठेका कर्मियों के अधिकार बीएमएस हर बार सबसे आगे रहा है। इस बार का चुनाव मजदूरों के सम्मान और आत्मविश्वास की परीक्षा है। बीएमएस की जीत श्रमिक एकता की जीत होगी। उन्होंने कहा कि बीएमएस न तो किसी दबाव में झुकता है और न ही समझौता करता है उसका धर्म केवल ‘श्रमिक कल्याण’ है।

वोट दीजिए उस संगठन को जो आपके साथ खड़ा रहता है : वीरेंद्र कानूनगो

एनटीपीसी मजदूर महासंघ के महामंत्री वीरेंद्र कानूनगो ने कहा कि यह चुनाव किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस विचारधारा का है जो मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करती है। बीएमएस वह संगठन है जो सिर्फ चुनाव के वक्त नहीं, बल्कि हर संकट में आपके साथ खड़ा रहता है। इसलिए 15 नवंबर को अपने मत का प्रयोग बीएमएस के पक्ष में करें और अपने भविष्य को सुरक्षित करें। उन्होंने कहा कि बीएमएस का संघर्ष सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि हर स्तर पर ठोस कार्रवाई का प्रतीक है।

अध्यक्ष देवप्रताप टंडन बोले : अब वक्त है एकजुट होकर हक की रक्षा का

कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमएस अध्यक्ष देवप्रताप टंडन ने की। उन्होंने कहा कि बीएमएस कोई मंच नहीं, यह मजदूरों की वह ताकत है जो किसी भी अन्याय को स्वीकार नहीं करती। अब वक्त है एकजुट होकर अपने हक की रक्षा का। 15 नवंबर को होने वाले चुनाव में मजदूरों की एकता ही निर्णायक होगी।

सभा में दिखाई दी संगठन की एकजुटता

आमसभा में बीएमएस महामंत्री सुशील सूर्यवंशी, कार्यकारिणी अध्यक्ष अंकुर दीवान, प्रीतम सिंह राजपूत, संदीप शर्मा, चेलेंजर राठौर, सतीश गिरी, उमेश साहू, रामकुमार कैवर्त, ललित साहू, प्रफुल सिंह, रमेश सिंह, सतीश गोड़, जुगल मिश्रा, ब्रजकिशोर, सतीश गुप्ता, दीपक गुप्ता, आशीष ताम्बेली, अर्जुन वस्त्रकर, सुशील यादव, सुनील यादव, सोमधर दीवान, गड़ेश पटेल, रश्मि क्षत्रिय, देवेंद्र क्षत्रिय, हुसैन कुर्रे , राजिंस बेनर्जी, संजय पटेल, शोभा पटेल , टिकेश्वर पटेल , संतोष केवट, सुरेश राठौर , ऋषि ताम्बेली, राजीव शर्मा, रमाशंकर पटेल, अविनाश चौबे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभा में चारों ओर बीएमएस के नारों की गूंज थी। मंच के नीचे से लेकर गेट तक हमारा वोट – मजदूर हित के लिए के नारे लगातार गूंजते रहे।

15 नवंबर को होगा फैसला — मजदूर हित में दें वोट

कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 15 नवंबर को बीएमएस को भारी मतों से विजयी बनाकर मजदूर हितों की रक्षा की जाएगी। सभा के दौरान सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से अपील की एकजुट होकर वोट दें, अपने हक की रक्षा करें, बीएमएस को जिताएं। एनटीपीसी सीपत की यह आमसभा चुनाव पूर्व बीएमएस की एकजुटता और लोकप्रियता का परिचायक रही। सुनकरी मलेशन के प्रभावशाली शब्दों और बीएमएस नेतृत्व के जोश ने कर्मचारियों में नई ऊर्जा भर दी। अब सबकी निगाहें 15 नवंबर के मतदान पर टिकी हैं, जहां मजदूर हित की दिशा तय होगी।

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