बीईओ शिवराम टंडन की पहल से मस्तूरी को मिले स्पेशल एजुकेटर
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को मिली नई ताक़त, समावेशी शिक्षा की ओर मजबूत कदम

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शिक्षा सबकी पहुँच में हो और शिक्षा से कोई भी वंचित न रहे की सोच को धरातल पर उतारते हुए स्कूल शिक्षा विभाग विकास खंड मस्तूरी ने एक अहम पहल की है। विकास खंड मस्तूरी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिस्दा एवं शासकीय प्राथमिक शाला लावर में दिव्यांग विद्यार्थियों के शैक्षिक सहयोग हेतु स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति की गई है। इस क्रम में पूजा कौशिक एवं डेनियल जान को स्पेशल एजुकेटर के रूप में पदस्थ किया गया। नियुक्ति उपरांत कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी में बीईओ शिवराम टंडन द्वारा दोनों शिक्षकों को विधिवत कार्यभार ग्रहण कराया गया। इस अवसर पर बीईओ शिवराम टंडन ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩा विभाग की प्राथमिकता है। स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति से न केवल बच्चों को नियमित शिक्षा में सहयोग मिलेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास, सीखने की क्षमता और सर्वांगीण विकास को भी नई दिशा मिलेगी। कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी रुद्रेश्वर प्रसाद एक्का, योगेश कुमार कौशिक, विकास खंड स्रोत समन्वयक सूरज क्षत्री, बीआरपी समावेशी शिक्षा कमलेश खोबरागढ़े, विनीता सिंह सहित कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने स्पेशल एजुकेटर को उनके नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएँ दीं और दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया। यह पहल मस्तूरी विकास खंड में समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।
कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे; यही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है: बीईओ टंडन
मस्तूरी बीईओ शिवराम टंडन ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति से मस्तूरी विकास खंड में समावेशी शिक्षा को मजबूती मिलेगी और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। इस सराहनीय कार्य के लिए मैं विभागीय अधिकारियों को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ।


