छत्तीसगढ़

हिंदू समाज जागा तो भारत होगा अजेय , पंचपरिवर्तन से ही समाज सुधरेगा और राष्ट्र बनेगा मजबूत : चंद्रशेखर देवांगन

हिंदू चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के संदेश से गूंजा सम्मेलन स्थल , मातृशक्ति, युवा, पुरुष व वरिष्ठजनों की रही ऐतिहासिक सहभागिता

सीपत। सीपत के पुराना धान मंडी परिसर में रविवार को विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सामाजिक समरसता को मजबूत करना तथा राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रिय सहभागिता को लेकर जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मप्रेमी एवं विभिन्न समाजों के वरिष्ठजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारतमाता की प्रतिमा पर पुष्पमाल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा, ज्ञान, कला और संस्कृति के क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। हिंदू समाज में सभी समाजों और विचारों को आत्मसात करने की अद्भुत क्षमता है। जब-जब देवालय नष्ट किए गए, तब हिंदू समाज ने घर-घर में मंदिर बनाकर अपनी संस्कृति और आस्था को जीवित रखा।
उन्होंने कहा कि समाज को बचाने और दिशा देने का कार्य संत समाज ने सदैव किया है। आज़ादी के बाद से अब तक भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत केवल सहयोग की बात नहीं करता, बल्कि करके दिखाता है। आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरा विश्व सम्मान की दृष्टि से देख रहा है। देवांगन ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए पंचपरिवर्तन आवश्यक है, जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक शिष्टाचार और स्व का बोध शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत माता की सच्ची जय तभी होगी, जब देश का नागरिक भारत के लिए जिएगा, परिश्रम करेगा और आवश्यकता पडऩे पर राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पित करेगा।

हिंदुत्व जीवन जीने की श्रेष्ठ पद्धति, यही राष्ट्र को जोडऩे की शक्ति : स्वामी वासुदेव जी महाराज

मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संत समिति के जिलाध्यक्ष स्वामी वासुदास जी महाराज ने कहा कि हिंदुत्व केवल धर्म नहीं, बल्कि मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने की जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवन्तु सुखिन: जैसे विचार हिंदू संस्कृति की महानता को दर्शाते हैं। समाज को जोडऩे, संस्कारों को बचाने और युवाओं को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है।

बच्चों को पांच अंकों का वेतनधारी नहीं, संस्कारों से सुसज्जित नागरिक बनाइए : पूर्णिमा सिंह

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की अधिवक्ता पूर्णिमा सिंह ने कहा कि हिंदुत्व हमारी धर्म, संस्कृति और संस्कार है यही हमारी पहचान है। हिंदू धर्म के ग्रंथ जीवन जीने की कला सिखाते हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपनी जड़ों से जुड़े रहें और नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति से अवगत कराएं। उन्होंने मातृशक्ति को जननी, सृजनकर्ता और पालनहार बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म में मातृशक्ति पूजनीय है। इतिहास में वीरांगनाओं ने समाज और राष्ट्र को दिशा दी है।
उन्होंने कृष्ण सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन को सही दिशा देने वालों को अपना अनुगामी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल वेतनधारी नहीं, बल्कि संस्कारवान नागरिक बनाइए, ताकि वे कहीं भी रहें, अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

सामाजिक एकता से ही मजबूत भारत का होगा निर्माण : मनीषा योगेश वंशकार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सीपत सरपंच मनीषा योगेश वंशकार ने कहा कि हिंदू सम्मेलन जैसे आयोजन समाज को जोडऩे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि सामाजिक एकता, सहभागिता और संस्कारों से ही मजबूत भारत का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा सुआ नृत्य सहित प्रेरणात्मक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। अंत में भारतमाता की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंच पर राजकुमार कौशिक, दिलेंद्र कौशिल, बलराम पाटनवार, अभिलेश यादव, दीपक शर्मा, राज्यवर्धन कौशिक, कुंजबिहारी धीवर, गिरजा सूर्यवंशी, रामभरोस साहू, हरीश गुप्ता, रामनिहोर सूर्यवंशी, सुंदरलाल वर्मा, पंचराम सूर्यवंशी, संजय जायसवाल, भूरुवाबाई पत्रवानी , बसंत सत्यार्थी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन में संजय गुप्ता, अजय सूर्यवंशी , राजेश कैवर्त , धनवंतरीभूषण कौशिक, दिनेश गुप्ता , संतोष गायकवाड़, संजय जायसवाल, शिवकुमार गुप्ता, वैद्यनाथ गुप्ता , रामस्वरूप साहू, अरुण मिश्रा, प्रफुल्ल सिंह राजपूत, बसंत सत्यार्थी, भूरुवा बाई पत्रवानी, गजेंद्र यादव, दीपक गुप्ता , रामकुमार कुंभकार , डीकेश गुप्ता, चंद्रमणि गुप्ता, आदित्य गुप्ता , सोनू निर्मलकर, संदीप गुप्ता, देवेंद्र सिंह क्षत्री, शशिकांत साहू, मोहन गुप्ता, उर्विजेश मिलाकांत कौशिक, नारायण साहू, मंजुलता साहू, कीर्ति गुप्ता, सरोज गुप्ता, नागेश्वरी साहू, सुनीता साहू , श्रीमती माया गुप्ता, झरना गुप्ता, गोदावरी साहू, गिरजा सूर्यवंशी, रमेश सिंह, विशाल तंबोली, शिव यादव सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नीरज सिंह क्षत्री ने किया।

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