खेल से होता है बच्चों का सर्वांगीण विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का माध्यम हैं खेल: राजेश सूर्यवंशी
अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से ही बनता है उज्ज्वल भविष्य: सूरज कुमार क्षत्री

संकुल स्तरीय खेल में 17 स्कूलों के 150 विद्यार्थियों ने दिखाए जौहर
सीपत (हिमांशु गुप्ता)। सीपत संकुल स्तरीय खेलकूद महोत्सव 2025–26 की श्रृंखला में संकुल केंद्र कन्या एवं बालक स्कूल सीपत के संयुक्त तत्वावधान तथा स्व. बालक राम लदेर सेवा संस्था, जांजगीर-चांपा के विशेष सहयोग से अंतर-संकुल स्तरीय खेल महोत्सव का भव्य आयोजन खेल ग्राम, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कौवाताल में किया गया। दो दिवसीय यह खेल महोत्सव 19 जनवरी 2026 को प्रारंभ होकर 20 जनवरी 2026 को पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में 17 विद्यालयों के 150 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं ने उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि अध्यक्ष जिला पंचायत बिलासपुर राजेश सूर्यवंशी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं विशिष्ट उपस्थिति में जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या, जनपद अध्यक्ष सरस्वती सोनवानी, जनपद सभापति मनोज खरे, जनपद सदस्य उषा देवी कैवर्त, उपाध्यक्ष किसान मोर्चा भट्ट, कन्या सीपत प्राचार्य ए.बी. कुजूर, सेजेस प्राचार्य सरिता यादव, विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) मस्तूरी सूरज कुमार क्षत्री, लदेर सेवा संस्था से उमेश कुमार, पूर्व संकुल शैक्षिक समन्वयक प्रमोद मिश्रा, ग्राम पंचायत कौवाताल सरपंच बसंत कुमार साहू, उपसरपंच भानु प्रताप पटेल, पंचगण एवं बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं, पालक व ग्रामवासी उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत में अतिथियों का बैच एवं बुके भेंट कर स्वागत संकुल शैक्षिक समन्वयक बालक सीपत श्रीकांत श्रीवास द्वारा किया गया।कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला कौवाताल रामकिशुन सूर्यवंशी ने दो दिवसीय खेल आयोजन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि अध्यक्ष जिला पंचायत बिलासपुर राजेश सूर्यवंशी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि खेल बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास का सशक्त माध्यम हैं।यदि खिलाड़ी लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। जनपद अध्यक्ष मस्तूरी सरस्वती सोनवानी एवं जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या ने शिक्षा और खेल के संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि एक हाथ में पुस्तक और दूसरे हाथ में कलम के साथ खेल को अपनाकर ही विद्यार्थी सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकते हैं। विकासखंड स्रोत समन्वयक मस्तूरी सूरज कुमार क्षत्री ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह खेल महोत्सव विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने वाला प्रेरणादायी आयोजन है, जो भविष्य के श्रेष्ठ नागरिक तैयार करता है।ग्राम पंचायत कौवाताल के सरपंच बसंत कुमार साहू ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर इस तरह के खेल आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिलता है और गांव का नाम रोशन होता है। पंचायत हर सकारात्मक प्रयास में सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। प्रतियोगिता में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर के बालक बालिका वर्ग में कबड्डी, खो-खो, दौड़, ऊँची कूद एवं लंबी कूद स्पर्धाएं आयोजित की गईं। विजेता खिलाडिय़ों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया। पूरे प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए बालक सीपत को ओवरऑल चैंपियन ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
खेल संचालन में उल्लेखनीय योगदान के लिए संकुल शैक्षिक समन्वयक श्रीकांत श्रीवास, विनोद गोयल एवं ज्ञानेश्वर सिंह कौशिक को अतिथियों के करकमलों से सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को आत्मीय सम्मान स्वरूप स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन संकुल शैक्षिक समन्वयक कन्या सीपत प्रमोद कुमार पाण्डेय, शिक्षक विनोद गोयल एवं ज्ञानेश्वर सिंह कौशिक ने किया। आभार प्रदर्शन में कन्या सीपत प्राचार्य ए.बी. कुजूर, सेजेस प्राचार्य सरिता यादव, झलमला प्राचार्य सुश्री विक्टोरिया रानी सैम्यूल, संकुल शैक्षिक समन्वयक श्रीकांत श्रीवास सहित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, ग्रामवासियों, पालकों एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। पूरा आयोजन खेल भावना, अनुशासन और सामूहिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सभी के मन को गदगद कर गया।



