छत्तीसगढ़

गणतंत्र दिवस पर पशुपालन विभाग की झांकी को मिला तृतीय स्थान

महासमुंद 27 जनवरी। एकीकृत पशुपालन को अपनाकर लघु एवं सीमांत कृषक अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में निरंतर सुधार कर रहे हैं। इसी थीम को केंद्र में रखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर आकर्षक एवं जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया गया।
मैदानी अमलों के सुनियोजित एवं रणनीतिक प्रयासों तथा उप संचालक के कुशल मार्गदर्शन में विभागीय योजनाओं का लाभ जिले के पशुपालकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा रहा है। झांकी के माध्यम से एकीकृत पशुपालन की वैज्ञानिक पद्धतियों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें कम स्थान में वर्षभर दूध, अंडा एवं मांस उत्पादन कर कृषकों द्वारा कृषि के साथ-साथ आय के पूरक स्रोत विकसित करने का संदेश दिया गया।
झांकी में गिर एवं साहीवाल नस्ल की गायों के साथ असील, कडक़नाथ, सोनाली मुर्गी, जापानी बटेर, जमुनापारी बकरा एवं खाखी कैम्पवेल बत्तख का प्रदर्शन किया गया। साथ ही पशुओं के लिए उपयोगी हरे चारे जैसे सुपर नेपीयर, जई एवं बरसीम को भी दर्शाया गया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
निर्णायक समिति द्वारा पशुपालन विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। इस अवसर पर विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए डॉ. उपासना साहू, डॉ. अर्चना एवलिन केरकेट्टा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, श्री एल.एल. साहू, श्री प्रकाश पण्डा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, श्रीमती लता टण्डन एवं श्रीमती चित्रलेखा पटेल परिचारक को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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