देश में प्रतिदिन सबसे अधिक पीएम आवास बनाने वाला राज्य छतीसगढ़: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
बस्तर के दुर्गम इलाकों में सालों से अधूरी 41 महत्वपूर्ण सडक़ें अब हुई पूर्ण

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी
रायपुर, 29 जनवरी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि ग्रामीण अंचल की समस्याओं की तेजी से निराकरण के लिए पुन: ग्रामीण सचिवालय प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे तेज गति से पीएम आवास बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। यहां प्रतिदिन सर्वाधिक पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण अंचलों में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रथम केबिनेट में ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए थे। इन आवासों को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने आज संवाद भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताई। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मोर आवास मोर अधिकार को लेकर पहले हमने संघर्ष किया था, अब परिणाम का समय है। चुनाव के बाद शासन ने 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी, जिसमें वर्षों से अधूरे, प्रतिक्षा सूची में शेष, आवास प्लस में शामिल एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के आवासों को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि न सिर्फ आवासहीनों बल्कि 3 हजार से अधिक आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीडि़त परिवारों को आवास प्रदान किये गये हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 33 हजार से अधिक लोगों को पीएम जनमन तथा नियद नेल्ला नार के तहत नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 9 हजार से अधिक लोगों के आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 2 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। राज्य में आवास निर्माण को गति देने में स्वसहायता समूह की दीदीयों ने भी अहम भूमिका निभाई है, आवास निर्माण के लिए गांव-गांव तक बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई के लिए कहीं डीलर दीदी बनीं तो कहीं सेंट्रिंग प्लेट निर्माण कर गांव में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। आवास हितग्राहियों को सेंटरिंग प्लेट एवं अन्य निर्माण सामाग्री की आपूर्ति के लिए 8000 से अधिक डीलर दीदी एवं घर बनाने के लिए आरसेटी द्वारा एवं प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से 5000 से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के समय गांव-गांव में वित्तीय लेनदेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का वादा किया था, आज प्रदेश में दो चरणों में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से लगभग 919 करोड़ रूपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। अब लोगों को अपना पैसा निकालने और बैंकिंग कार्यों के लिए गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थ पंचायत पोर्टल के द्वारा पंचायत करों का संग्रहण ऑनलाईन के माध्यम से भी प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सांकरा देश का पहला ग्राम पंचायत है जहां पर टैक्स का संग्रहण यूपीआई द्वारा किया गया। इस संबंध में विगत दिनों केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय के सचिव के द्वारा भी इसकी सराहना करते हुए महराष्ट्र की पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही थी। अब बम्बई भी रायपुर से सीखेगा किस प्रकार प्रदेश के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति को अपनाया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक, सचिव भीम सिंह, आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक अश्विनी देवांगन, संचालक पंचायत सुश्री प्रियंका महोबिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



