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परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों को पीएम मोदी ने बताया 75वें जन्मदिन का किस्सा

छात्रों को अपने 75वें जन्मदिन का एक किस्सा बताया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान छात्रों को अपने 75वें जन्मदिन का एक किस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अभी मेरे 25 साल बाकी हैं। मैं जो बीत गया है, उसे गिनता नहीं हूं, बल्कि जो बचा हुआ है उसकी गिनती करता हूं। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में मणिपुर की एक छात्रा ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा की और कहा कि वे बचपन से उसकी प्रेरणा रहे हैं। छात्रा ने बताया कि मेरा जन्मदिन भी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के साथ ही आता है। इसके बाद पीएम मोदी ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, अभी मेरे जन्मदिन पर 17 सितंबर को एक नेता ने फोन किया और कहा कि आपके 75 साल हो गए, तो मैंने उसे कहा कि 25 अभी बाकी हैं। मैं बीते हुए को नहीं, बल्कि बचे हुए को गिनता हूं।
छात्रों को विशेष मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद न करें, बल्कि जो बचा है, उसको जीने के लिए सोचिए।
छात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि बोर्ड एग्जाम या फिर कोई स्कूल की परीक्षा की तैयारी करते समय पिछले कुछ सालों के प्रश्न देखते हैं और खुद तय कर लेते हैं कि कौन-सा टॉपिक ’यादा सही रहेगा और कौन-सा जरूरी है। कई बार हम कुछ सवालों को छोड़ देते हैं, तो क्या ऐसा करना सही है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया कि पेपर कभी सिलेबस से बाहर का नहीं आता, लेकिन अक्सर कहा जाता है कि पेपर बहुत भारी था और ब‘चों को तकलीफ हुई। यह भारी इसलिए लगता है कि पिछले 10 साल के पैटर्न के ही कुछ सवालों पर ध्यान दिया गया।

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