भूगोल के मॉडल विद्यार्थियों को पुस्तकों से निकालकर वास्तविक दुनिया से जोड़ते हैं : डॉ. खेर
शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत में भूगोल विभाग का मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन, नवाचार और शोध का शानदार संगम

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत में भूगोल विभाग द्वारा आयोजित मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन कार्यक्रम ने विद्यार्थियों की सृजनशीलता, शोध दृष्टि और प्रस्तुति कौशल को प्रभावी मंच प्रदान किया। इस शैक्षणिक आयोजन में विद्यार्थियों ने पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढक़र व्यावहारिक और समसामयिक विषयों पर नवाचारी प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. राजीव शंकर खेर, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रघुनंदन पटेल तथा भूगोल विभाग प्रभारी डॉ. रामप्रसाद चंद्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्राचार्य डॉ. राजीव शंकर खेर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भूगोल के मॉडल और प्रोजेक्ट विद्यार्थियों को पुस्तकों से बाहर निकालकर वास्तविक दुनिया से जोड़ते हैं। यह सीखने की प्रक्रिया को अनुभव, नवाचार और समझ में बदल देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ भविष्य के शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी मजबूत आधार तैयार करती हैं। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने जल संसाधन प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएँ, छत्तीसगढ़ की प्रमुख फसलें जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक और उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन के अंतर्गत प्राचार्य डॉ. खेर की जीवन गाथा, गंगरेल बांध, पवन चक्की, छत्तीसगढ़ का इतिहास, शहीद वीर नारायण सिंह की गाथा तथा बिलासपुर के प्रसिद्ध दुर्गा पंडालों जैसे विविध और रोचक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। भूगोल विभाग प्रभारी डॉ. रामप्रसाद चंद्रा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, शोध क्षमता, विश्लेषण शक्ति एवं प्रस्तुति कौशल का विकास करना रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी और नवाचारी बनाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन दिपेश जोशी ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि आभार प्रदर्शन भूगोल की शिक्षिका कमलेश सिंह ने किया। शिक्षकों द्वारा उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य में अनुसंधान एवं उच्च अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर भूपेंद्र देवांगन, सतीश राय, डॉ. युक्ति कश्यप, धनंजय टंडन, विमल तिवारी, निमिश सिंह, स्वाति पाण्डेय, सुकृति नायक, संजना, इंदु, पूजा, हरिश, मनीष और नंदनी सहित भूगोल विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

