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भारत निर्वाचन आयोग ने असम में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर ,18 फरवरी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी के साथ 17 फरवरी को गुवाहाटी में असम के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की विस्तृत एवं व्यापक समीक्षा की।
दो दिवसीय (17 एवं 18 फरवरी) समीक्षा दौरे के प्रथम दिन आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों-आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, असम गण परिषद, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव प्राप्त किए।
आयोग ने प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने विचार, चिंताएं एवं सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया, जिससे राज्य में आगामी चुनाव पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सकें। अधिकांश राजनीतिक दलों ने अनुरोध किया कि चुनाव एक चरण में अथवा अधिकतम दो चरणों में आयोजित किए जाएं। साथ ही, दलों ने बिहू उत्सव को ध्यान में रखते हुए मतदान तिथियां निर्धारित करने का आग्रह किया।
राजनीतिक दलों ने असम में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया की सामान्यत: सराहना की। राज्य में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित चुनाव सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न दलों द्वारा सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव भी दिए गए।
राजनीतिक दलों के साथ बैठक के उपरांत आयोग ने आईजी, डीआईजी, जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनाव कार्मिकों के प्रशिक्षण, जब्ती कार्रवाई, कानून-व्यवस्था तथा मतदाता जागरूकता एवं आउटरीच गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव संविधान, प्रासंगिक अधिनियमों तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कड़ाई से संपन्न कराए जाएं। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं राज्य प्रशासन को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने तथा राजनीतिक दलों की शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयोग ने निर्देशित किया कि सभी मतदान केंद्रों को उत्सवपूर्ण, स्वागत योग्य एवं मतदाता-अनुकूल बनाया जाए, ताकि मतदाताओं को सुखद एवं सहज मतदान अनुभव प्राप्त हो। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों (फेक न्यूज) की सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

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