सडक़ दुर्घटना में घायलों को मिल रहा पीएम-राहत योजना का लाभ
1.50 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा, गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार पर जोर

रायपुर, 29 अप्रैल। भारत सरकार की पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना के अंतर्गत सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय यानी गोल्डन ऑवर में बिना किसी देरी के अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1 लाख 50 हजार रुपए तक का नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में अब तक 12 सडक़ दुर्घटना पीडि़तों का पंजीयन कर योजना के तहत उपचार किया गया है। इनमें से 10 मरीजों का इलाज भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में तथा 2 मरीजों का उपचार संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य सडक़ दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद प्रारंभिक समय में शीघ्र उपचार मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है, इसलिए योजना में गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित उपचार पर विशेष बल दिया गया है।
जिले में योजना के प्रभावी संचालन के लिए 34 शासकीय अस्पतालों—जिनमें शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, सोमनी सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र—तथा 38 निजी अस्पतालों के प्रभारी एवं संचालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
पीएम-राहत योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नागरिक निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।



