राजधानी

‘माटी के स्वाद – स्वाभिमान के साथ ‘

छत्तीसगढ़ी पारंपरिक जीवनशैली एवं स्वास्थ्य उत्सव का आयोजन 10 मई को

रायपुर। छत्तीसगढिय़ा पत्रकार महासंघ द्वारा प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खान-पान एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम ‘माटी के स्वाद – स्वाभिमान के साथ’ का आयोजन दिनांक 10 मई को किया जा रहा है। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन, पुरानी बस्ती, रायपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का समय प्रात: 10:30 बजे से 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसके पश्चात सामूहिक भोजन का आयोजन किया जाएगा।
इस आयोजन में शहर के 200 पत्रकार एवं उनके परिवारजन सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों एवं समाज को अपनी माटी, अपनी संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली से जोडऩा है, ताकि आधुनिक जीवनशैली के बीच लोग अपने स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को पुन: समझ सकें।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों की विशेष प्रस्तुति, लोकसंस्कृति की झलक, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र तथा आध्यात्मिक मार्गदर्शन जैसे विभिन्न आकर्षण शामिल रहेंगे। आयोजन के दौरान पारंपरिक खान-पान के स्वास्थ्य लाभों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी, वहीं पारिवारिक सहभागिता और मानसिक संतुलन पर भी विशेष चर्चा होगी।
छत्तीसगढिय़ा पत्रकार महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी जड़ों और प्राकृतिक जीवनशैली से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे समय में यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी पहचान, अपने स्वाभिमान और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता का एक सकारात्मक अभियान है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता को ध्यान में रखते हुए एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण एवं आयुर्वेदिक परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
महासंघ के अनुसार, इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोकपरंपरा और पारंपरिक व्यंजनों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के कारण यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन संभावनाओं को भी व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का माध्यम बनेगा।
महासंघ ने प्रदेश के सभी पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से इस आयोजन में सहभागिता कर अपनी माटी, अपनी संस्कृति और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

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