कहानी सेवा की : अपने आर्थिक संबल के लिए बिहान से जुडक़र प्रतिमा ने अपनाया किराने का व्यवसाय
अन्य घरेलू महिलाओं के लिए प्रेरणा का कारण बन रही
रविवार 4 अक्टूबर। राज्य में महिलाओ को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए पूरे देष में लागू की गई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन बिहान योजना से जुडक़र लाखों महिलाओं का दैनिक जीवन पूरी तरह से बदल रहा है। ऐसे ही एक सामान्य जीवन से निकलकर अपने लिए खुद की किराना दुकान चलाने वाली कोरिया जिले की प्रतिमा सूर्यवंषी अब अपने ही परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा हैं उनकी लखपति दीदी बनने की कहानी कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत दूरस्थ गांव धनपुर में अन्य घरेलू महिलाओं के लिए प्रेरणा का कारण बन रही है।
एक सामान्य किसान परिवार की महिला होने से श्रीमती प्रतिमा सूर्यवंषी भी खेत और घर के चूल्हे चौके तक ही सीमित रहती थीं। परिवार के पास अन्य आय के स्रोत ना होने से हमेषा आर्थिक संकट सामने खड़ा रहता था। ऐसे मे ंएक दिन गांव में बिहान से जुडऩे और उसके फायदे बताने के लिए कुछ महिलांए आई। इनसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन बिहान योजना के बारे मे जानकर प्रतिमा के मन में स्वयं को स्थापित करने की चाह जगी।
बिहान की मैदानी टीम की समझाइष पर गांव की महिलाओं ने मिलकर चांद स्व सहायता समूह बनाया। प्रतिमा इससे सदस्य के तौर पर जुड़ी और इन महिलाओं ने अपने लिए मदद की राह चुनी। बिहान के माध्यम से समूह को पहले आरएफ और फिर सीआईएफ से मदद प्राप्त हुई। इसके बाद प्रतिमा ने समूह के माध्यम से दो लाख रूपए का बैंक ऋण प्राप्त किया।
अपने व्यवसाय के चयन पर खुषी व्यक्त करते हुए प्रतिमा ने बताया कि यह मुख्यालय से दूर का गांव है इससे गांव मे हर दिन दैनिक उपयोग का सामान ही सबसे ज्यादा जरूरी होता था। इसी सोच के साथ उन्होने अपने घर पर ही किराने का व्यवसाय आरंभ किया और दैनिक जीवन की हर जरूरत की चीजें रखीं। जल्द ही उनका यह कार्य गांव में स्थापित हो गया और अब इससे अच्छी आय सुनिश्चित हुई है।



