छत्तीसगढ़

नशे के अंधकार से मुक्ति की ओर; सीपत से निकला ब्रह्माकुमारीज का जागरूकता रथ

ब्रह्माकुमारीज का अभिनव प्रयास , गांव गांव पहुँचाएगा नशा छोडऩे का संदेश

सीपत। समाज को व्यसनमुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र सीपत द्वारा मंगलवार को नशा मुक्ति रथ का भव्य शुभारंभ किया गया। एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख विजय कृष्ण पाण्डेय ने हरी झंडी दिखाकर इस रथ को रवाना किया।
इस दौरान नगर सहित आसपास के गाँवों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शुभारंभ अवसर पर बीएचईएल प्रोजेक्ट डायरेक्टर दीपक राठौर , भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा , एनटीपीसी एचआर जयप्रकाश सत्यकाम, बीएचईएल डीजीएम एचआर चन्द्रशेखर गुप्ता, सीपत सरपंच मनीषा योगेश वंशकार, थाना प्रभारी गोपाल सतपथी, बाल भारती स्कूल के प्रिंसिपल शलभ निगम, लायंस क्लब इंटरनेशनल के कैबिनेट सेक्रेटरी डॉ. कमल छाबड़ा सहित जांजी, देवरी और कौडिय़ा के सरपंच विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक विजय कृष्ण पाण्डेय ने कहा कि नशा समाज को खोखला करने वाली सबसे बड़ी बुराई है। यह व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगाड़ता है, परिवार की खुशियाँ छीनता है और समाज में अपराध को जन्म देता है। नशा क्षणिक सुख देता है, लेकिन उसका परिणाम जीवनभर दुख ही होता है। उन्होंने स्वयं के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि व्यसन से दूर रहना ही कार्य और परिवार दोनों में संतुलन और ऊर्जा बनाए रखने का सबसे बड़ा सूत्र है। भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि व्यसन व्यक्ति और परिवार दोनों को चुपचाप बर्बाद कर देता है, इसका समाधान सामूहिक प्रयास से ही संभव है। एचआर डीजीएम जयप्रकाश सत्यकाम ने नशे को कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन का सबसे बड़ा दुश्मन बताया।
चन्द्रशेखर गुप्ता ने युवाओं और ग्रामीणों को जागरूक करने की आवश्यकता जताई। सीपत सरपंच श्रीमती मनीषा योगेश वंशकार ने कहा कि यह रथ गांव गांव जाकर महिलाओं और परिवारों को व्यसनमुक्त जीवन का संदेश देगा। टीआई गोपाल सतपथी ने कहा कि अधिकांश अपराधों की जड़ नशा है। पिछले 8 माह से सीपत क्षेत्र में नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक असर दिख रहा है। बाल भारती स्कूल के प्राचार्य शलभ निगम ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही नशे से दूर रखने की आदत डालनी होगी। उन्होंने मोबाइल की लत को भी आज का सबसे बड़ा नशा बताया। डॉ. कमल छाबड़ा ने सामाजिक संगठनों से इस अभियान को समर्थन देने की अपील की।
बिलासपुर सेवाकेंद्र की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने कहा कि यह रथ केवल जागरूकता नहीं फैलाएगा बल्कि लोगों को राजयोग ध्यान के माध्यम से आत्मबल प्रदान करेगा। ऑडियो-विजुअल सामग्री, साहित्य और स्लोगन के जरिए नशे से होने वाले दुष्परिणाम तथा मुक्ति के उपाय बताए जाएंगे। नशा छोडऩा केवल जानकारी से नहीं, बल्कि आत्मशक्ति से संभव है और राजयोग ही वह शक्ति देता है। यह नशा मुक्ति रथ आगामी छह दिनों तक सीपत क्षेत्र के गाँव-गाँव भ्रमण कर लोगों को व्यसनमुक्त जीवन का अमृत संदेश देगा।

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