छत्तीसगढ़

बिलासपुर की रश्मि गुप्ता का राष्ट्रीय मंच पर गौरवशाली परचम – जबलपुर में ‘कादंबरी सम्मान’ से अलंकृत ‘

स्व. हर्षवर्धन पाठक स्मृति सम्मान से सम्मानित हुईं बहुमुखी प्रतिभा की धनी साहित्यकार, उपन्यास ‘मां’ ने दिलाया राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय पहचान

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। शहीद स्मारक सभागार, जबलपुर में आयोजित कादंबरी राष्ट्रीय साहित्यकार-पत्रकार सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा बिलासपुर की प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षिका एवं समाजसेविका श्रीमती रश्मि गुप्ता को स्व. हर्षवर्धन पाठक स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। यह विशिष्ट सम्मान उन्हें श्री यशोवर्धन पाठक के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। श्रीमती रश्मि गुप्ता एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी हैं। वे लोकप्रिय शिक्षिका, कवयित्री, उपन्यासकार, लोकगायिका, समाजसेविका एवं कुशल मंच संचालक के रूप में विख्यात हैं। उनकी रचनाओं का नियमित प्रसारण आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से होता रहता है, जो उनकी साहित्यिक गुणवत्ता का प्रमाण है। उनका चर्चित उपन्यास ‘मां’ वर्ष 2022 में प्रकाशित हुआ, जिसने पाठकों के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल की।
यह उपन्यास वर्ष 2023 में ्रद्वड्ड5शठ्ठ क्चद्गह्यह्ल स्द्गद्यद्यद्गह्म् ्र2ड्डह्म्स्र तथा 2024 में ‘ओ माय गॉड रिकॉर्ड’ सम्मान से नवाजा गया। इस उपन्यास का अंग्रेजी अनुवाद उनके पुत्र राजर्षि कांतम गुप्ता द्वारा किया गया है, जिससे उनकी रचनाएं वैश्विक पाठक वर्ग तक पहुंच सकीं। रश्मि जी हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में गद्य एवं पद्य विधाओं में सृजन करती हैं। अब तक उनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें प्रमुख हैं ‘सियान मन के सीख’ भाग 1 व 2 (छत्तीसगढ़ की प्रथम प्रेरक प्रसंग कथा) ‘एक दीप जला देना’ (हिंदी काव्य संग्रह) ‘अंतर्मन’ (संस्मरण संग्रह) शैक्षणिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्वच्छाग्रही विद्यालय पुरस्कार, राज्य शिक्षक सम्मान (राज्यपाल सम्मान), डॉ. मुकुटधर पांडेय राज्य शिक्षक सम्मान 2020 सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। साथ ही वे नारी शक्ति सम्मान, छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान, समाज गौरव सम्मान, साहित्य सृजन सम्मान, महिमा साहित्य भूषण, काव्य गौरव सम्मान (दिल्ली) सहित दर्जनों राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मानों से अलंकृत हो चुकी हैं। कादंबरी सम्मान प्राप्त होने पर बिलासपुर के साहित्यकारों, शिक्षकों, शुभचिंतकों एवं परिजनों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की है। यह सम्मान न केवल रश्मि गुप्ता के लिए बल्कि समस्त बिलासपुर अंचल के लिए भी गौरव का विषय है। रश्मि गुप्ता की यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि समर्पित साधना, सतत लेखन और सामाजिक चेतना से साहित्य के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है।

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