छत्तीसगढ़

बीईओ शिवराम टंडन की संवेदनशील पहल; अनुकंपा नियुक्ति में दिखाई प्रशासनिक तत्परता

जुहली व परसदावेद के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को मिली त्वरित अनुकंपा नियुक्ति , मस्तूरी में अनुकरणीय निर्णय

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप शासकीय कर्मचारियों के दिवंगत होने की स्थिति में उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की व्यवस्था के तहत एक अत्यंत सराहनीय और मानवीय पहल सामने आई है। एमएस स्कूल जुहली के प्रधानपाठक स्व. राजाराम टेंगवर एवं एमएस परसदावेद के भृत्य स्व. विनोद कुमार टंडन के निधन के बाद उनके परिवारों को न्यायोचित राहत प्रदान करते हुए उनके सुपुत्रों को नियमित भृत्य के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई। इस प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण कराने हेतु जिला कलेक्टर बिलासपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा बीईओ मस्तूरी श्री शिवराम टंडन को त्वरित निराकरण के निर्देश जारी किए गए।
बीईओ श्री टंडन ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं एवं दस्तावेजी औपचारिकताओं को रिकॉर्ड समय में पूर्ण कराते हुए दिनांक 28 नवंबर को श्री रितेश कुमार टेंगवर को भृत्य एमएस जुहली तथा श्री आलोक कुमार टंडन को भृत्य एमएस परसदावेद के पद पर अनुकंपा नियुक्ति आदेश प्रदान किया। नियुक्ति उपरांत दोनों कर्मचारियों को कार्यालय में पदस्थापना ग्रहण कराते हुए संबंधित विद्यालयों के लिए भारमुक्त भी किया गया। यह पहल न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचायक है बल्कि पीडि़त परिवारों के लिए संबल और विश्वास की किरण साबित हुई है। इस त्वरित और मानवीय अनुकंपा नियुक्ति के लिए नवनियुक्त कर्मचारियों द्वारा जिला कलेक्टर बिलासपुर, डीईओ बिलासपुर एवं विशेष रूप से बीईओ मस्तूरी श्री शिवराम टंडन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

बीईओ शिवराम टंडन की तत्परता बनी प्रेरणा

बीईओ शिवराम टंडन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि प्रशासन में इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता हो तो पीडि़त परिवारों को समय पर राहत मिल सकती है। उनकी कार्यशैली शिक्षा विभाग के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरी है।

Related Articles

Back to top button