तलाईपल्ली कोयला खदान की सुरक्षा अब सीआईएसएफ के हाथों : एनटीपसी माइनिंग प्रोजेक्ट में 362वीं सीआईएसएफ यूनिट का ऐतिहासिक अधिष्ठापन
अवैध खनन, विघटनकारी गतिविधियों पर लगेगा लगाम, पहले चरण में 101 जवान तैनात; ऊर्जा अवसंरचना सुरक्षा को मिली नई मजबूती

सीपत (हिमांशु गुप्ता)। देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी तलाईपल्ली कोयला खनन परियोजना में अपनी नई यूनिट का औपचारिक अधिष्ठापन किया। यह सीआईएसएफ की 362वीं यूनिट है, जो देश की सबसे तेजी से विकसित हो रही कैप्टिव कोयला खदानों में से एक की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। इस अवसर के साथ ही तलाईपल्ली कोयला क्षेत्र में सीआईएसएफ की मौजूदगी और अधिक मजबूत हो गई है। पहले चरण में 265 स्वीकृत पदों में से 101 सीआईएसएफ कर्मियों की तैनाती पूरी कर ली गई है। शेष बल की तैनाती परियोजना के विस्तार और सीआईएसएफ के लिए विकसित की जा रही आधारभूत संरचना के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
गरिमामय इंडक्शन समारोह
यूनिट अधिष्ठापन के अवसर पर एक भव्य और गरिमामय इंडक्शन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, एनटीपीसी तलाईपल्ली परियोजना प्रबंधन, कर्मचारी एवं स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान एनटीपीसी तलाईपल्ली के हेड ऑफ प्रोजेक्ट अखिलेश सिंह ने यूनिट की सुरक्षा चाबी सीआईएसएफ सेक्टर मुख्यालय भिलाई की इंस्पेक्टर जनरल श्रीमती नीलिमा रानी सिंह को सौंपी। यह क्षण खदान की संपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारी सीआईएसएफ को सौंपे जाने का प्रतीक रहा। कार्यक्रम में डीआईजी/सीजेड दया शंकर, डीआईजी/सीएस श्रीमती पियाली शर्मा सहित एनटीपीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
रणनीतिक सुरक्षा की आवश्यकता
एनटीपीसी तलाईपल्ली कोयला खनन परियोजना लारा सुपर थर्मल पावर प्लांट को कोयला आपूर्ति करती है, जो राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड और कई राज्यों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है। करोड़ों टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली यह खदान भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की रीढ़ मानी जाती है। क्षेत्र में पहले से मौजूद वामपंथी उग्रवाद की चुनौतियों, बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियों और संवेदनशील लॉजिस्टिक्स को देखते हुए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

24×7 विशेष सशस्त्र सुरक्षा
सीआईएसएफ की तैनाती के बाद अब तलाईपल्ली परियोजना में 24म7 विशेष सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध होगी। सीआईएसएफ जवान विघटनकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाएंगे , अवैध खनन और कोयला चोरी रोकेंगे , कर्मचारियों, मशीनरी और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा करेंगे , कोयला परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेंगे , इससे जिला प्रशासन के साथ समन्वय भी मजबूत होगा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा का माहौल बेहतर बनेगा।
राष्ट्रीय व क्षेत्रीय महत्व
तलाईपल्ली में सीआईएसएफ की समर्पित यूनिट की तैनाती यह स्पष्ट संदेश देती है कि केंद्र सरकार रणनीतिक ऊर्जा परिसंपत्तियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इससे रायगढ़ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्यों को स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। स्थानीय समुदायों के लिए भी ष्टढ्ढस्स्न की मौजूदगी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, कानून-व्यवस्था और समग्र सुरक्षा वातावरण को सुदृढ़ करेगी।
एनटीपीसी तलाईपल्ली में ष्टढ्ढस्स्न यूनिट के अधिष्ठापन के साथ, भारत ने अपनी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा को और मजबूत करते हुए विकास की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।


